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19/9/21

Get treatment anywhere in India with a Smart Health Card, know about the whole process

क्या है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन और ये कैसे काम करेगा?

What is National Digital Health Mission and how will it work?

Get treatment anywhere in India with a Smart Health Card, know about the whole process


केन्द्र सरकार बहुत ही जल्द एक राष्ट्र एक स्वास्थ्य कार्ड लांच करने जा रही है, जिसके माध्यम से भारत का कोई भी नागरिक भारत में कहीं पर भी अपना इलाज करवा सकेगा।

क्या है इस योजना की विशेषता और खासियत सब कुछ इस आर्टिकल के माध्यम से जानिये।


एक देश एक राशन कार्ड योजना के बाद भारत सरकार बहुत जल्दी इस योजना को लाने जा रही है, इस योजना का नाम है  "National Digital Health Mission" 


ये कैसे काम करेगा:-

                                     इस योजना के तहत समस्त नागरिकों को आधार कार्ड की तरह का ही एक स्मार्टकार्ड दिया जायेगा, जिस पर 14 अथवा 16 डिजिट का यूनीक नम्बर लिखा होगा, वही आपकी पहचान की पुष्टि भी करेगा। तथा इसी कार्ड में आपके द्वारा पूर्व में कराये गये समस्त इलाजों का विवरण मौजूद होगा, अर्थात् समस्त रिपोर्ट, जांच इत्यादि। जब कभी मरीज इलाज हेतु इस कार्ड को लेकर चलेगा, तो अस्पताल में इस कार्ड के माध्यम से ही उसकी पूर्व जांचों और इलाजों के विवरण को आसानी से देखा जा सकेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह समस्त डाटा एक सर्वर से ही जोड़ा जायेगा, जहां पर मरीज का पूरा विवरण स्टोर होगा।


कहां लागू की गयी है ये योजनाः

                                                              चूंकि अभी यह योजना अपने शुरूआती चरण में है, और इस योजना को केन्द्र सरकार ट्रायल के तौर पर सिर्फ केन्द्रशासित प्रदेशों जैसे चंडीगढ़, अंडमान निकोबार, दादर और नगर हवेली आदि में इसका परीक्षण कर रही है, यदि इन केन्द्र शासित प्रदेशों में इसका परीक्षण सफल रहता है तो भारत के समस्त राज्यों में इसको लागू कर दिया जायेगा।


कैसे और कहां से बनेगा ये कार्डः-

                                                                वैसे केन्द्र सरकार ने इस योजना हेतु अपनी वेबसाइट के माध्यम से कार्ड बनाने का विकल्प भी प्रस्तुत किया है, जैसा आप इस चित्र के माध्यम से देख सकते हैं।

Get treatment anywhere in India with a Smart Health Card, know about the whole process

                                                                                    image credit: NHA website 

उक्त चित्र के माध्यम से आप जैसे ही Create Health ID  पर क्लिक करते हैं, तो आपको दूसरी स्क्रीन कुछ इस तरह से ओपेन हुई दिखायी देगी।


जैसा इस चित्र में हैं

Get treatment anywhere in India with a Smart Health Card, know about the whole process


यहां पर आपको कुछ ऐसा Alert देखने को मिलेगा, जिसमें सिर्फ उन केन्द्रशासित प्रदेशों  यथा: Chandigarh, Dadra  & Nagar Haveli, Daman & Diu आदि  के आई.डी. कार्ड बनाने का विकल्प ही दिखायी दे रहा है।


जैसा कि आपको पूर्व में ही बताया गया है कि उक्त योजना पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर इन केन्द्र शासित प्रदेशों में ही लागू की जा रही है, विस्तार होते ही इसको भारत के सभी राज्यों में लागू किया जायेगा।


भारत सरकार द्वारा इस कार्ड के रजिस्ट्रेशन के लिए एक Application का निर्माण भी किया गया है, जिसके माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प उपलब्ध करवाया गया है।

ये एप्लीकेशन गूगल के Play  Store  पर मौजूद है, जिसे डाउनलोड करके रजिस्ट्रेशन का कार्य आसानी से किया जा सकता है।


उक्त के अलावा सरकार कार्ड बनाने का कार्य अस्पतालों, जिनमें सरकारी/अर्द्धसरकारी अस्पताल, तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को भी देगी, जिससे सभी लोगों का हेल्थ कार्ड बन सकें।



हेल्थ कार्ड बनवाने हेतु किन-किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?

                                                                                                                                  चूंकि ये कार्ड भारत के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य की जरूरतों को पूरा करने हेतु बनाया जा रहा है, और बहुत ही आसान प्रक्रिया के तहत इस कार्ड को बनाया जा सकता है, जिसके लिए सिर्फ आधार कार्ड, और आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर, क्योंकि आधार कार्ड सबसे बेहतरीन पहचान के रूप में मौजूद है, और इसके माध्यम से ही व्यक्ति के समस्त पहचान हो जायेगी।

इन सबके अलावा कुछ सामान्य जानकारियों को भरने के बाद उक्त प्रक्रिया सम्पन्न हो जायेगी, और ये सारा काम Online  ही हो जायेगा।, परन्तु जो लोग ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ है, उनके लिए Offline विकल्प के रूप में अस्पताल, और स्वास्थ्य केन्द्र मौजूद है, जहां पर जाकर आसानी से हेल्थ कार्ड हेतु आवेदन किया जा सकेगा।

हेल्थ कार्ड में मरीज की समस्त जानकारियों के साथ-साथ पुराने समस्त मेडिकल रिकार्ड मौजूद होगें, जिन्हें देखकर आसानी से डॉक्टर मरीज का आसानी से इलाज कर पायेगें।


आपको बता दें कि देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा उक्त योजना को 15 अगस्त, 2020 को अमलीजामा पहनाया गया, और एक Unique I.D  से मरीजों को जोड़ने की व्यवस्था प्रारम्भ कर दी।


क्या एक कार्ड के माध्यम से भारत में कहीं पर इलाज करवाया जा सकेगा :-?

                                                                                                                                                   ये बिल्कुल सत्य है, सिर्फ इसी Smart Health Card  के माध्यम से आप भारत के किसी भी अस्पताल में अपना इलाज करवा पायेगें, पर ध्यान रखें, कार्ड मिलने के बाद संभवतः शुरू के इलाज की जानकारी आपको स्वयं भरनी पड़ेगी, तत्पश्चात् भविष्य में  जब कभी आप उक्त कार्ड को लेकर किसी भी अस्पताल में जायेगे, वहां के इलाज की सारी जानकारी आपके उक्त कार्ड के रिकार्ड में दर्ज हो जायेगीं।


आप चाहे तो कार्ड के रजिस्ट्रेशन हेतु इस लिंक  https://healthid.ndhm.gov.in/   पर क्लिक करके भी विजिट कर सकते हैं।

यहां पर आपको रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प दिया जा रहा है।





































18/9/21

What is the Chat Off feature in Messenger, and how is it enabled, Messenger me Kya hai secret conversation.?

Facebook messenger की इन पांच विशेषताओं (Features) के बारे में नही जाना तो बेकार है।


Facebook messenger, जिसका प्रयोग आज पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों के द्वारा किया जा रहा है, और दिन प्रतिदिन इसके उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं users की संख्या में इजाफा भी हो रहा है।

What is the Chat Off feature in Messenger, and how is it enabled, Messenger me Kya hai secret conversation.?


आज Messenger का उपयोग कई देशों में इतना हो रहा है कि WhatsApp की अपेक्षा लोग फेसबुक से ही संदेश भेजना पसन्द करते हैं।


इसलिए संदेश भेजने वाले कुछ पॉपुलर एप्लीकेशन जैसे WhatsApp, Telegram, Signal, Imo आदि के बीच फेसबुक अत्यधिक प्रचलित एप्लीकेशन है।


परन्तु किसी भी एप्लीकेशन को प्रयोग करना ही पर्याप्त नही होता है, जब तक आप उसके कुछ रोचक सेटिंग्स अथवा features के बारे में न जाने।

आज फेसबुक मैसेंजर प्रयोग करने वालों की तादाद बहुत ज्यादा है, लेकिन बहुत कम ही लोग है, जो इसकी विशेषताओं के बारे में जानते होगें।


आज हम उन्हीं 4  विशेषताओं के बारे में जानने का प्रयास करेंगें।

इन विशेषताओं का प्रयोग करके आप भी बेहतरीन तरीके से मैंसेजर को चलाना सीख जायेगें।


(1).  पहला सबसे बेहतरीन भी उन उपयोगकर्ताओं के लिए है जो अनावश्यक रूप से मेसेज भेजकर आपको परेशान करते रहते हैं, ये फीचर खासतौर से लड़कियों के लिए कहा जा सकता है, जो Unknown व्यक्ति द्वारा मेसेज भेजने पर परेशान होने लगती है। फेसबुक द्वारा इसके लिए एक बेहतरीन फीचर दिया गया है, जिसका नाम है Ignore massage, इसको इनेबल करने के लिए आपको उस यूजर पर लॉग प्रेस करके रखना है, दबाते ही आपको लास्ट में इग्नोर मैसेज का ऑप्शन दिखायी देगा 

जिसको इनेबल करते ही आप आसानी से किसी को भी संदेश भेजने से रोक सकते हैं।


देखिये चित्र के माध्यम से

What is the Chat Off feature in Messenger, and how is it enabled, Messenger me Kya hai secret conversation.?

(2)- 
Facebook Messenger का ये फीचर भी बहुत रूचिकर है, जिसका उपयोग आप Secret Conversation करने में उपयोग कर सकते हैं।

हम सभी जानते हैं कि व्हाट्सएप पर हम जो भी चैटिंग करते है, वो पूरी तरह end-to-end encrypted होता है, जिसे कोई भी नही देख सकता है, उसी प्रकार फेसबुक पर भी ऐसा ही फीचर है, जिसकी मदद से आप आसानी से Secret conversation चैट कर सकते है, जिसे कोई भी थर्ड पार्टी एप नही देख सकती है। 

What is the Chat Off feature in Messenger, and how is it enabled, Messenger me Kya hai secret conversation.?
                                          चित्र 2

जैसा आप चित्र 2  में देख सकते है कि उक्त चित्र में प्रोफाइल खोलते ही लास्ट में आपको Secret Conversation का विकल्प दिखायी दे रहा है, इस पर टैप करते ही सीक्रेट कन्वरसेशन इनेबल हो जाता है।


(3). कई बार आप मैसेज करते समय आप ऑनलाइन नही दिखना चाहते हैं तो ये सुविधा आपको मैसेंजर में मिल जाती है जिसका नाम हैं Chats Off , इसकी मदद से आप ऑनलाइन अगले व्यक्ति को नही दिखायी देते हैं। 


(4). फेसबुक मैसेंजर Nickname ऐसा फीचर है जिसके माध्यम से आप किसी का भी Nickname परिवर्तित कर सकते हैं।

यदि आप मैसेंजर पर किसी से बात कर रहे है, और उसे कोई निकनेम देना चाहते हैं, तो आसानी से ये काम कर सकते हैं, इसके लिए आपको सिर्फ उस यूजर का चैट ओपेन करना है, और बॉयी तरफ ऊपर टैप करते ही आपको निकनेम का फीचर दिखायी देगा जिस पर क्लिक करते ही आप आसानी से कोई भी नाम उसे दे सकते हैं।

What is the Chat Off feature in Messenger, and how is it enabled, Messenger me Kya hai secret conversation.?
                                         चित्र संख्या 3

जैसा आप इस चित्र संख्या 3 में देख सकते हैं कि इसमें निकनेम परिवर्तित करने का विकल्प दिखायी दे रहा है, जिस पर क्लिक करते ही निकनेम एडिट करने का विकल्प दिखायी देगा। उस पर आप अपनी मनपसंद का निकनेम किसी के लिए भी चुन सकते है।









12/9/21

Jio's new smartphone is coming in Diwali, will you buy? दीपावली में आने वाला है जियो का नया स्मार्टफोन क्या लेंगें आप?

आखिर क्यों टल गया जियों के नये फोन   "जियोनेक्स्ट"   (JioNext) का लांचिग टाइमः

Jio's new smartphone is coming in Diwali, will you buy? दीपावली में आने वाला है जियो का नया स्मार्टफोन क्या लेंगें आप?


मुकेश अंबानी जी की कंपनी रिलांयस जियों ने अपना पहला स्मार्टफोन जिसका नाम "Jiophone Next’’ है, का लांचिंग समय टाल दिया है, इसके पीछे के कारणों का पता नही चला, अब खबर ऐसी है कि इस स्मार्टफोन को कंपनी दीपावली के आसपास ही लांच करेगी। 


हम आपकों बता दे कि रिलांयस जियों के इस स्मार्टफोन की बिक्री 10 सितम्बर, 2021 से होनी थी।

रिलांयस जियो एक ऐसा नाम जिसने पूरे भारत में ग्राहकों के बीच अपनी एक बेहतरीन पहचान बनाई। जब कंपनी ने कीपैड वाला स्मार्टफोन सिर्फ 1500 में लांच किया था, तब ग्राहकों ने इसे हाथो-हाथ लिया था। 

अब भारतीय बाजार में फिर Jio अपना नया धमाका करने जा रहा है, क्योंकि भारत में अभी भी ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है जो सिर्फ Keypad  वाले फोन का प्रयोग करते हैं, वो एंड्रॉयड स्मार्टफोन  खरीदने में असमर्थ होते हैं। उन्हीं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, रिलांयस बहुत जल्द भारतीय बाजार में सिर्फ 3000-3500 रूपये के आसपास इस नये स्मार्टफोन को लांच करेगी। जिसे संभवतः प्रत्येक निम्न वर्ग (Lower Class)  का ग्राहक भी खरीद सकेगा।


इंटरनेट पर मौजूद स्रोतों के माध्यम से इसके कुछ बेहतरीन विशेषताएं भी निकलकर आयी है, जो इस फोन को बेहतर बनाती है, आइये हम उस पर भी प्रकाश डालने का प्रयास करते हैं।


डिस्प्लें (Display):-

जियोफोन नेक्स्ट में 5.5 इंच की डिस्प्ले दी गयी है, डिस्प्ले एच.डी. दिया गया है, तथा डिस्प्ले का रिजोल्यूशन 720’1440 पिक्सल है, जो स्क्रीन की साइज के हिसाब से ठीक है। उक्त के अलावा डिस्प्ले 319 पीपीआई के साथ आता है, जिससे सभी कंटेट बिल्कुल ब्राइट दिखते हैं।


कैमरा (Camera):-

इस स्मार्टफोन में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, और सेल्फी के शौकीन लोगों के लिए इस फोन में 8 मेगापिक्सल का कैमरा भी है, कीमत के हिसाब तथा इसी कीमत पर मौजूद अन्य स्मार्टफोन से इस फोन का कैमरा ठीक होगा, ऐसा इंटरनेट पर मौजूद स्रोतों से पता चलता है।



मैमोरी (Memory):-

किसी भी स्मार्टफोन में उसकी इंटरनल मेमोरी काफी मायने रखती है, इस फोन में कंपनी ने 2 जीबी की रैम दे रखी है, तथा आपकी सामग्री को सुरक्षित रखने हेतु इस फोन में 16 जीबी की इंटरनल मेमोरी भी दी गयी है। यदि 32 जीबी तक मेमोरी होती, तो शायद और मजा आता।


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  • कनेक्टिविटी (Connectivity):-

    जियो का ये स्मार्टफोन 4G सपोर्ट के साथ आता है, और चूंकि जियो का फोन है तो Volte तो सपोर्ट करेगा ही, इसलिए बेहतरीन इंटरनेट अनुभव के लिए ये दोनों आपको इस स्मार्टफोन में मिलेगी। उक्त के अलावा वाई-फाई, ब्लूटूथ, यूएसबी की कनेक्टिविटी भी इस फोन में देखने को मिलने वाली है।


    बैटरी (Battery):-

    इंटरनेट पर मौजूद स्रोतों को यदि देखा जाये तो कुछ वेबसाइट पर इसकी बैटरी 2500 MAH है तो कुछ वेबसाइट पर 3000 MAH.

    अब क्या सच है ये फोन की लांचिंग के बाद ही पता चल पायेगा। लेकिन उपभोक्ता की जरूरतों को देखते हुए  इसमें 3000  M.A.H तक की बैटरी होनी ही चाहिए।


               "रिलांयस कंपनी को इस फोन को लांच करने में देरी का एक कारण और भी निकलकर आया है और वो ये है कि रिलांयस जियो  Google के साथ मिलकर इस फोन को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम कर रहें हैं, जिससे ये स्मार्टफोन ग्राहकों के बीच अपनी एक नयी पहचान स्थापित कर सकें।"


    इन सबके अलावा इस फोन में एंड्रॉयड OS 11.0 दिया गया है जो एंड्रॉयड का लेटेस्ट वर्जन है, जबकि कई ऐसी स्मार्टफोन कंपनियां है, जिन्होंने अभी तक अपने स्मार्टफोन के लिए उक्त वर्जन को रिलीज नही किया है।


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    अभी तक हमने इस स्मार्टफोन की विशेषताओं के बारे में बात की। लेकिन सारी बातें तभी पूरी होती है, जब हम कीमत की भी बातें करें।


    टेक विशेषज्ञों का कहना है कि इस फोन की कीमत 3499 होगी। अर्थात् 3500 रूपये।

    3500 की कीमत को देखते हुए भारतीय बाजार में इस वक्त कोई भी ऐसा ब्रांड नही है जो इस कीमत पर एंड्रॉयड के लेटेस्ट वर्जन के साथ में आता हो, उक्त के अलावा इस फोन की विशेषताओं की बराबरी कर पाता हों।


    वैसे जियों जब भी कोई प्रोडक्ट लांच करता है तो वो भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को देखते हुए ही लांच करता है और ये स्मार्टफोन भी उसी का हिस्सा है।

    अब देखना कि दीपावली के आसपास Jio कैसा धमाका करता है।


    आशा है कि आपको जियों के इस फोन की विशेषताएं अच्छी लगी होगी, क्या आप इस फोन को खरीदने का मन बना रहे हैं?

    तो जरूर कमेंट करके बतायें।



    11/9/21

    who is the king of operating system, and whose operating system is the best आखिर कौन है ऑपरेटिंग सिस्टम का बादशाह?

    आखिर कौन है ऑपरेटिंग सिस्टम का बादशाह, और किसका ऑपरेटिंग सिस्टम है सबसे बेहतर?

    who is the king of operating system, and whose operating system is the best

    who is the king of operating system, and whose operating system is the best आखिर कौन है ऑपरेटिंग सिस्टम का बादशाह?


    इंटरनेट के दौर में आज हर व्यक्ति Smartphone का प्रयोग कर रहा है, और आज के समय में सभी लोग smartphone का प्रयोग कर भी रहे हैं, चाहे वह उच्च वर्ग का हो या फिर मध्यम वर्ग का अथवा निम्न वर्ग का व्यक्ति हो।


    smartphone का उपयोग करने से सुरक्षा (security ) का भी सवाल उत्पन्न हो जाता है, क्योंकि आज जिस तरीके Technology का विकास हो रहा है, उसी तरह से साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है, जिसकी वजह से लोग अपने आपको असुरक्षित भी महसूस करने लगे हैं उनके द्वारा असुरक्षित तरीके से स्मार्टफोन का प्रयोग करने से असुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है।

    जब सुरक्षा की बात आती है तो Secured Phone  भी खरीदने की सलाह दी जाती है,  और सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system) के माध्यम से हम इस बात को सुनिश्चित कर सकते हैं.


    आज हम सुरक्षित फोन और सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में ही बात करेगें और जानने का प्रयास करेंगें कि वास्तव में कौन सा ऑपरेटिंग सिस्टम Operating system बेहतर है।

    कुछ सालों पहले तक समय ऐसा था कि हमारे पास कई ऑपरेटिंग सिस्टम वाले फोन हुआ करते थे,

    जैसे:-

    Tizen,

    Symbian,

    Windows Operating System,

    Blackberry OS,

    Android 

    IOS इत्यादि।


    लेकिन आज के समय में इन ऑपरेटिंग सिस्टम का अस्तित्व लगभग खत्म हो चुका है, और इस क्षेत्र में बचे हैं सिर्फ दो महारथी 

    पहला है: Android Operating System

    और

    दूसरा है: IOS

    आज के समय में कई ऐसे स्मार्टफोन यूजर है जो Android और IOS ऑपरेटिंग सिस्टम को यूज कर रहें हैं, जिनमें सुरक्षा के लिहाज से कई फायदें तो कुछ नुकसान भी हैं।


    आइये कुछ अन्तर को जानने का प्रयास करते हैं कि किन मामलों में दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम एक दूसरे से बेहतर है।


    1). एंड्रॉयड एक Open source ऑपरेटिंग सिस्टम है, मतलब आप इंटरनेट पर कहीं से भी किसी भी प्रकार का एप्लीकेशन इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे आपके फोन की सुरक्षा में सेंध लग सकता है, वहीं दूसरी तरफ आई.ओ.एस ऑपरेटिंग सिस्टम ओपेन सोर्स नही है, इसमें एप स्टोर के अलावा आप कहीं से भी कुछ डाउनलोड नही कर सकते हैं, और न ही इंस्टॉल कर सकते हैं। क्योंकि एप्पल इसकी सुरक्षा खुद करता है।


    2). IOS के मुकाबलें एंड्रॉयड में आसानी से कस्टमाइजेशन (Customization)किया जा सकता है, आप अपने फोन में किसी भी प्रकार का Launcher लगा सकता है, अपने फोन के लुक को और बेहतर कर सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ आई.ओ.एस में इस तरह का कोई भी विकल्प मौजूद नही रहता है। जो कि बहुत ज्यादा यूजर को परेशान भी करता हैं.


    3). सुरक्षा के लिहाज से आई.ओ.एस के एप स्टोर में फालतू के एप्लीकेशन नही होते हैं, जो हमारी सुरक्षा में सेंध लगा दे, वही दूसरी तरफ Play store में ऐसे कई एप्लीकेशन होते हैं, जो हमारी सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखने का काम करती है।

    आई.ओ.एस इसकी सुरक्षा खुद करता है और एप स्टोर के एप्लीकेशन के लिए एप्पल के कड़े नियम भी होते हैं, जिसकी वजह से एप डेवलपर को सुरक्षित एप्लीकेशन बनानी होती है।


    4). चूंकि एंड्रॉयड उपभोक्ताओं की संख्या बहुत ज्यादा है, और इस लिहाज से इसको आई.ओ.एस के मुकाबले कम सुरक्षित माना जाता है, इसका सबसे बड़ा कारण इसका ओपेन सोर्स होना, अर्थात् आपके मोबाइल से किसी भी प्रकार के एप्लीकेशन को इंस्टॉल करके फोन के डाटा का आसानी से एक्सेस किया जा सकता है, वहीं दूसरी तरह आई.ओ.एस में ऐसा संभव नही है, सिर्फ यदि फोन को जेल ब्रेक (Jail Break) न किया गया हों। 


    5). ऐसा कहा जाता है कि यदि टैक्नोलॉजी का बेहतरीन जानकार है तो वह एंड्रॉयड की कोडिंग में बदलाव कर सकता है, वहीं आई.ओ.एस में इसकी सुरक्षा में आसानी से छेड़छाड़ नही की जा सकती है।

    ये तो कुछ अन्तर थे इन दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम में, जहां पर हमें दोनों में कुछ कमियां तो कुछ  विशेषताएं देखने को भी मिली।


    "ये बात सही है कि कई टेक विशेषज्ञ इस बात को मानते हैं कि आई.ओ.एस ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड के मुकाबले काफी सिक्योर माना जाता है, लेकिन सुरक्षा के साथ हमें बहुत बंधनों में बंधना पड़ता है, हम एंड्रॉयड को जितना स्वतंत्र तरीके से चला सकते हैं उतनी आजादी हमें आई.ओ.एस में देखने को नही मिलती है।"


    कैंसे सुरक्षित रहें एंड्रॉयड उपभोक्ताः

    How to stay safe Android users:

                                            देखिये यदि सुरक्षित तरीके से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम को उपयोग में लाया जाये तो, हम अपने स्मार्टफोन की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। ये अच्छी बात है कि गूगल इस दिशा में काफी अच्छा काम कर रहा है, और वो समय-समय पर सुरक्षित यू.आई को लांच करता रहता है। और नये अपडेटेड वर्जन के साथ सुरक्षा के नये-नये फीचर्स भी लेकर आता रहता है।

    अब ये बात सही है कि एंड्रॉयड अपने पिक्सल सीरीज में ये काम जल्दी कर देता है, वहीं दूसरी ओर कंपनियां अपने-अपने स्मार्टफोन में उक्त सुरक्षित वर्जन काफी देर में लांच करती हैं।


    "इसलिए समय के साथ-साथ अपने फोन को हमेशा अपडेट करना चाहिए, जिससे उसकी सुरक्षा में कोई बाधा उत्पन्न न होने पाये।"



    कितने उपभोक्ता है:?

                                 विश्व स्तरीय फर्म Statista.com  के अनुसार वर्ष  June, 2021  में पूरे विश्व में 75  प्रतिशत से भी ज्यादा उपभोक्ता एंड्रायड के हैं, वहीं दूसरी ओर लगभग 22  प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा आई.ओ.एस के उपभोक्ता है, जो कि एंड्रॉयड के मुकाबले काफी कम है।

    इतने बड़े अन्तर का सबसे बड़ा कारण एंड्रायड के सस्ते स्मार्टफोन का उपलब्ध होना भी है, जहां पर हमें 3000 रूपये में ही एंड्रॉयड का डिवाइस मिल जाता है, वहीं दूसरी ओर एप्पल के स्मार्टफोन के लिए हमें 20000 से भी ज्यादा रूपये की धनराशि अदा करनी पड़ती है वो भी एक साधारण से एप्पल फोन के लिए।


    आशा है आपको आई.ओ.एस तथा एंड्रायड की कुछ विशेषताओं और कमियों के बारे में जरूर जानने को मिला होगा।




















    2/9/21

    What is scrappage policy, And how will they work?, आखिर क्या है स्क्रैपेज पॉलिसी और ये कैसे काम करेंगी।

    आखिर क्या है स्क्रैपेज पॉलिसी? और ये कैसे काम करेंगी।

    What is scrappage policy? And how will they work?


    आईये पहले आप स्क्रैप के बारे में जान लीजिएः

    हमने कई बार इंटरनेट पर वाहनों को कुछ ही मिनटों में स्क्रैप (छोटे-छोटे हिस्सों में क्षतिग्रस्त करने ) वाले वीडियों अवश्य देखे होगें। जिनमें वाहनों को कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है। इसी प्रक्रिया को ही स्क्रैपिंग (Scrapping) कहा जाता है।


    केन्द्र सरकार बहुत जल्द सभी राज्यों के लिए नई स्क्रैपेज पॉलिसी लेकर आने वाली है। सरकार का ये मानना है कि उक्त पॉलिसी वाहन निर्माताओं से लेकर वाहन खरीदने वालों के लिए अत्यन्त लाभदायक सिद्ध होगी।

    अभी हाल ही में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन व राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस स्क्रैपेज पॉलिसी से गाड़ियों की बिक्रियों 30 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। वही दूसरी तरफ इसकी लागत में 30-35 प्रतिशत की कमी आयेगी अर्थात् लागत मूल्य (Manufacturing Cost)  बहुत कम हो जायेगी। और लागत कम होने से लोग वाहनों को आसानी से खरीद भी सकेगें।


    इस पॉलिसी को लागू करने के लिए देश में लगभग 1 करोड़ से भी ज्यादा वाहनों को Scrap करना पड़ेगा। स्क्रैप करने के बाद नये वाहनों की भी जरूरत पड़ेगी और मांग में अच्छी-खासी उछाल भी आने की संभावना रहेगी। नई गाड़ियों की बिक्री से सरकार को जी.एस.टी (GST) के रूप में कई हजार करोड़ रूपये तक का राजस्व  (Revenue)  मिल सकता है।


    आपको बता दें कि  दुनिया के कुछ विकसित देशों में  Scrapping policy चल भी रही है, जहां पर लोग अपने पुराने वाहनों Old Vehicle को स्क्रैपिंग सेंटर में देकर क्षतिग्रस्त करवा देते हैं, और वहां की सरकारें लोगों को नये वाहन क्रय करते समय टैक्स में छूट भी प्रदान करती है.


    क्या भारत में स्क्रैपिंग पॉलिसी से लाभ होगाः?

    Will the scrapping policy in India benefit:?

    चूंकि विदेशों में यह प्रक्रिया आसान है, वही दूसरी ओर भारत में क्या स्क्रैंपिंग सफल हो पायेगी, इसके जवाब में यही कहा जायेगा, कि इस दिशा में भारत सरकार काम करने जा रही है।

    अभी हॉल ही देश के सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने इस बारे में बताया कि हमारे देश में गाड़ी निर्माण में प्रयोग होने वाली मुख्य धातु एल्युमीनियम और कॉपर का कम उत्पादन होता है, जिसके लिए हमें उक्त उत्पादों को दूसरे देशों से मंगवाना पड़ता है, लेकिन स्क्रैप पॉलिसी लागू करने के बाद उक्त समस्या से छुटकारा मिल सकेगा, और हमें पुराने वाहनों से ही उक्त उत्पाद मिल जायेगें, जिन्हें पुनः रिसाइकिल/परिष्कृत करने के बाद प्रयोग में लाया जा सकेगा।


    क्या भारत में लोग स्क्रैपिंग को पसन्द करेंगें?

    Will people in India like scraping?

                                                                  भारत एक विशाल देश है, इसकी विशालता के साथ-साथ यहां पर वाहनों की भी बहुत ज्यादा संख्या है, और भारत में तीन वर्गों के लोग रहते हैं

    उच्च वर्ग  (Higher Class)

    मध्यम वर्ग (Middle Class)

    निम्न वर्ग (Lower Class)

    • यहां पर उच्च वर्ग Higher class के लोग करोड़पति वर्ग की श्रेणी में ही आते हैं, जो अपनी बेहतरीन जीवन शैली जीना पसन्द करते हैं, और हर छः माह अथवा साल भर के अन्दर अपने चार पहिया वाहन को बेचकर वाहन खरीदना पसन्द करते हैं, उनके लिए ये स्क्रैप पॉलिसी बेहतर साबित हो सकती है।

    • मध्यम वर्ग Middle Class  में वो तबका आता है, जो सेकेण्ड हैंण्ड, थर्ड हैंण्ड गाड़ियों को खरीदना पसन्द करता है, उनके लिए स्क्रैप पॉलिसी तभी लाभकारी साबित हो सकती है जब सरकार स्क्रैप करवाने पर अच्छी धनराशि प्रदान करें, या नये वाहन को खरीदने पर टैक्स में  Relaxation (छूट) प्रदान करे।

    • निम्न वर्ग  Lower Class के लोग उन श्रेणियों में आते हैं, जो सिर्फ अपने कमाने और खाने के बारे में ही सोचते हैं।

    अब देखना है कि उक्त पॉलिसी पूरे देश में कब तक लागू होती है?

    लेकिन यदि आम जनता को ध्यान में रखते हुए इस पॉलिसी को लागू को लागू किया जाता है तो इसका लाभ प्रत्येक वर्ग को मिलने की पूरी संभावना है।


    आशा है आप सभी को स्क्रैपिंग पॉलिसी  Scrapping Policy  से जुड़ी ये जानकारी पसन्द आयी होगी।



     
























    31/8/21

    How to withdraw money from ATM without debit card in Hindi, बिना डेबिट कार्ड से एटीएम से पैसा कैसे निकालते हैं?

    क्या आप एटीएम मशीन से बिना डेबिट कार्ड के पैसा निकालना चाहते हैं, तो ये लेख आपके लिए है?


    योनों भारतीय स्टेट बैंक का ऑनलाइन बैंकिंग यूज करने की सेवा का नाम है, और भारतीय स्टेट बैंक ने इसको नाम दिया है योनो, जो कि एक ऐसा एप्लीकेशन है जिसके माध्यम से आप किसी भी प्रकार का बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। योनो एप्लीकेशन भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सन् को लाया गया, जो कि भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों के लिए बनाया गया।

    आपको बता दे कि भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों की संख्या भारत में सबसे ज्यादा है, और ये इतना बड़ा उपक्रम है जो लाखों लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है। 
    भारतीय स्टेट बैंक द्वारा योनो को लाने का उद्देश्य अपने ग्राहकों को बेहतरीन बैंकिंग सेवा उपलब्ध करवाना था। उन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु ही इस एप्लीकेशन को लाया गया, जो भारतीय स्टेट बैंक के सभी ग्राहकों के बीच काफी प्रसिद्ध पॉपुलर हो गया।

    How to withdraw money from ATM without debit card in Hindi, बिना डेबिट कार्ड से एटीएम से पैसा कैसे निकालते हैं?


    क्या है
    YONO APPLICATION की विशेषता::?


    भारतीय स्टेट बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा का बहुत सारे ग्राहक प्रयोग करते हैं, इसमें उच्च वर्ग से लेकर मध्यम वर्ग के लोग भी शामिल है, मध्यम वर्ग में शिक्षित वर्ग ही ऐसा था, जो इंटरनेट बैंकिग का प्रयोग करता था, ग्रामीण क्षेत्र के लोग बैंक जाकर ही अपनी वित्तीय कामों को करते थे।

    2017 में जब YONO को लांच किया गया था, तब बहुत कम ही लोग इसका प्रयोग करते थे, परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया और लोगों का इस ओर रूझान बढ़ा, तो लोगों ने योनो को यूज करना प्रारम्भ किया। चूंकि इंटरनेट बैंकिंग हर व्यक्ति के बस की बात नही ळे क्योंकि इसको प्रयोग करने के लिए आपके पास क्मयूटर होना आवश्यक था, कंप्यूटर के साथ-साथ नेट की सुविधा का होना भी इसके लिए आवश्यक था,। इन सभी झंझटों को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने इसको समझते हुए इस एप्लीकेशन का ईजाद किया जिसको नाम दिया ’’YONO SBI’’

    आइये कुछ इसकी विशेषताओं के बारे में जानने का प्रयास करते हैं

    1. योनो एसबीआई काफी सुरक्षित ( Secured ) एप्लीकेशन है, जो आपको 2 Layer की सुरक्षा भी प्रदान करता है। जैसे ही आप YONO SBI को लांच करते हैं, तो आपको इसका INTERFACE कुछ ऐसा दिखायी देता है.

    जैसा आप चित्र 1 में देख सकते हैं।
                               चित्र संख्या (1)

    इसमें आपको तीन प्रकार के विकल्प दिखायी दे रहे हैं

    पहला है लॉगिन जिस पर क्लिक करते ही ये आपसे आपका 6 अंको का MPIN मांगता है, उसको डालने पर ही आप अपने Yono अकाउन्ट में Login कर पाते हैं,

    दूसरे विकल्प में आपको व्यू बैलैंस का विकल्प दिखायी देता है, इस पर टैप करते ही आपसे आपके MPIN के बारे में पूछा जाता है, इसमें आपको दो प्रकार के विकल्प दिखायी देते हैं, पहला अपने MPIN के माध्यम से बैलेन्स चेक करने का तथा दूसरा Biometric अथवा आपको अपने Thumb Impression के माध्यम से।

    तथा तीसरे और अंतिम विकल्प में आपको क्विक पे का विकल्प दिखायी दे रहा है, जिस पर टैप करते ही आप उन सभी लोगों को पैसे भेज सकते है, जिनका आपने बैनिफिशियरी बना रखा है।


    2- YONO SBI के माध्यम से आप आसानी से अपना M.M.I.D भी ज्ञात कर सकते हैं। M.M.I.D के माध्यम से आप किसी के माध्यम से आसानी से पैसा मंगवा सकते हैं, जिसके लिए आपको अपना बैंक में Registered Mobile number तथा M.M.I.D नम्बर जो 7 Digit का होता है, देना होता है।

    अपना M.M.I.D ज्ञात करने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप को फॉलों करना है। सर्वप्रथम आपको Quick Links के Service Request पर टैप करना है, टैप करते ही Settings में जाना है, और सेटिंग्स में टैप करते ही सबसे ऊपर VIEW MMID पर पर क्लिक करते ही आपको 7 नम्बरों का एम.एम.आई.डी दिखायी पड़ जायेगा।

    जैसा आप चित्र संख्या 2 में देख सकते हैं।
                                चित्र संख्या 2

              Quick Links > Service Request > Settings > View MMID 



    चित्र संख्या 3

    VIEW MMID पर क्लिक करते ही आपको अपना 7 अंकों का एम.एम.आई.डी नम्बर दिखायी पड़ जायेगा,जैसा आप चित्र संख्या 3 में देख सकते हैं।

    जिसे आप किसी को भी देकर ऑनलाइन पैसा मंगवा सकते हैं।


    3- यदि आप अपने YONO Application के माध्यम से Credit card का आवेदन करना चाहते हैं तो वो भी आसानी से कर सकते हैं, इसके लिए आपको बैंक के चक्कर भी लगाने की जरूरत नही हैं। आवेदन करते ही क्रेडिट कार्ड के प्रतिनिधि आपके आवास पर आकर आपसे जरूरी कागजात, वेतन प्रमाण पत्र तथा अन्य जरूरी प्रपत्र प्राप्त कर लेगें.


    4- YONO के माध्यम से आप A.T.M मशीन पर जाकर आसानी से बिना अपना डेबिट कार्ड डाले भुगतान ले सकते हैं। आइये इस प्रक्रिया को समझ लेते हैं। एप्लीकेशन लांच करते ही आपको आपके सामने इस प्रकार का इंटरफेस दिखायी देता है,

    जैसा आप चित्र संख्या 4 में देख सकते हैं।

    चित्र संख्या 4 


    उसके बाद आपको योनो कैश पर क्लिक करना है, योनो कैश पर क्लिक करते ही आप देख सकते है कि आपके सामने कुछ इस प्रकार की स्क्रीन सामने आयेगी।
                                चित्र संख्या 5


    जैसा आप चित्र संख्या 5 में देख सकते है कि यहां पर आपको तीन प्रकार के विकल्प दिखायी दे रहे हैं।

    वैसे आप इन तीनों विकल्पों के माध्यम से पैसे निकाल सकते हैं, पहले विकल्प के माध्यम से 20000.00 तक की धनराशि को आहरित  किया जा सकता हैं,,

    दूसरे विकल्प के माध्यम से किसी भी मर्चेंन्ट के पास जाकर जिनके पास POS मशीन हो  2000 का भुगतान ले सकते हैं।

    तथा

    तीसरे विकल्प में आपको एस.बी.आई के ग्राहक सेवा प्रतिनिधि (Customer service point) के पास जाना होता हैं वहां से आप 10,000 तक का भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

    चूंकि हम सभी एटीएम मशीन के माध्यम से ही पैसे को निकालते हैं, जिसके लिए हमें एटीएम मशीन में अपने कार्ड को डालना होता हैं परन्तु पहले विकल्प के माध्यम से आप आसानी से बिना कार्ड का प्रयोग किये ही 20,000 तक की धनराशि को निकाल सकते हैं।



    हम आपको पहले माध्यम से पैसा निकालने का तरीका बता रहे हैं, जिसमें एटीएम का विकल्प दिया गया है।
    एटीएम के विकल्प पर क्लिक करते ही आपके सामने धनराशि डालने का विकल्प आयेगा, आपको जितनी धनराशि निकालनी है आप डाल सकते हैं,
     चित्र संख्या 6

    इस चित्र संख्या 6 में आप देख सकते हैं,

    हम 500 रूपये की धनराशि डाल रहे हैं।
    धनराशि डालते ही आपको नेक्स्ट पर क्लिक करना है, तब आपको कुछ ऐसा इंटरफेस दिखायी देगा।
    जैसा आप चित्र संख्या 7 में देख सकते हैं, 





     

    यहां पर आपको अपना एक 6 अंकों का पिन बनाना है, और यही 6 अंकों का पिन आपको एटीएम में पैसा निकालते समय डालना होगा।

    पिन बनाते ही आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी शाखा के एटीएम पर जाकर उक्त धनराशि को बिना डेबिट कार्ड का प्रयोग किये निकाल सकते हैं। और वो भी पूरी सुरक्षित तरीके से।

    5- इन सबके अलावा, आप YONO के माध्यम से Mutual fund में निवेश कर सकते हैं, Fixed deposit अथवा R.D खोल सकते हैं। अपने खाते को योनों के ही माध्यम से किसी भी शाखा में स्थानान्तरित कर सकते हैं, योनों के माध्यम से ही ट्रेडिंग खाता खोल सकते हैं, जिसके माध्यम से आप शेयर को खरीद/बेंच सकते हैं।

    Home Loan, Personal Loan, Car Loan, Education Loan, Gold Loan भी ले सकते हैं, और इसके माध्यम से आवेदन करना बिल्कुल आसान हैं।







     


     































    28/8/21

    What is YONO wearable device & how does it work क्या है Yono Wearable डिवाइस और कैसे काम करता है

    क्या है योनों और ये कैसे काम करता है, आइये जानने का प्रयास करते हैं।

    What is YONO and how does it work?


    क्या है योनो और ये कैसे काम करता है। आज हम इसी विषय पर विस्तृत तरीके से चर्चा करने का प्रयास करेंगे। 

    What is YONO wearable device & how does it work क्या है Yono Wearable डिवाइस और कैसे काम करता है


    योनों भारतीय स्टेट बैंक का ऑनलाइन बैंकिंग यूज करने की सेवा का नाम है, और भारतीय स्टेट बैंक ने इसको नाम दिया है योनो एस.बी.आई जो कि एक ऐसा एप्लीकेशन है जिसके माध्यम से आप किसी भी प्रकार का बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। योनो एप्लीकेशन भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सन् 2017 को लाया गया, जो कि भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों के लिए बनाया गया।

    आपको बता दे कि भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों की संख्या भारत में सबसे ज्यादा है, और ये इतना बड़ा उपक्रम है जो लाखों लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है। 

    भारतीय स्टेट बैंक द्वारा योनो को लाने का उद्देश्य अपने ग्राहकों को बेहतरीन बैंकिंग सेवा उपलब्ध करवाना था। उन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु ही इस एप्लीकेशन को लाया गया, जो भारतीय स्टेट बैंक के सभी ग्राहकों के बीच काफी प्रसिद्ध पॉपुलर हो गया। 


    क्यों जरूरत पड़ी::?

                           जैसा कि आप सभी को पहले ही बताया गया है कि भारतीय स्टेट बैंक बैंकिंग सेक्टर में एक बहुत पुराना नाम है, और पूरे भारत में इसकी हजारों शाखाएं है, आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर कोई अपने वित्तीय आवश्यकताओं को निपटाने के लिए बैंक जाने से बचना चाहता है, वो सारी सुविधाएं अपने कम्प्यूटर अथवा स्मार्टफोन पर ही चाहता है, इन्ही जरूरतों को देखते हुए समय के साथ डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अस्तित्व में आयी, और लोग अपने घर से बैठे-बैठे ही सारे काम करने लगे। 

    आज की तारीख में लगभग सभी बैंको में नेट बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है, इसके अलावा सभी बैंक चाहे वह सार्वजनिक क्षेत्र के हो अथवा प्राइवेट सेक्टर के हो सभी के पास अपनी-अपनी मोबाइल बैंकिंग सुविधा भी उपलब्ध है। उन्हीं में भारतीय स्टेट बैंक का ’’योनो एसबीआई’’ भी है जिसकी हम चर्चा कर रहें है।

    लोगों को 24 घंटे और सातों दिन बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ही इस सेवा को लांच किया गया, और ये देखते ही देखते लोगों के बीच इतना पापुलर हो गया कि आज कि तारीख में योनो एसबीआई एप्लीकेशन को 5 करोड़ से भी ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

     

    क्या है योनो एप्लीकेशन की विशेषताः What is the feature of YONO Application?


    भारतीय स्टेट बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा को बहुत सारे ग्राहक प्रयोग करते हैं, इसमें उच्च वर्ग से लेकर मध्यम वर्ग के लोग भी शामिल है, मध्यम वर्ग में शिक्षित वर्ग ही ऐसा था, जो इंटरनेट बैंकिग का प्रयोग करता था, ग्रामीण क्षेत्र के लोग बैंक जाकर ही अपनी वित्तीय कामों को करते थे।

    2017 में जब योनो को लांच किया गया था, तब बहुत कम ही लोग इसका प्रयोग करते थे, परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया और लोगों का इस ओर रूझान बढ़ा, तो लोगों ने योनो को यूज करना प्रारम्भ किया। चूंकि इंटरनेट बैंकिंग हर व्यक्ति के बस की बात नही थी क्योंकि इसको प्रयोग करने के लिए आपके पास कम्प्यूटर होना आवश्यक था, कंप्यूटर के साथ-साथ नेट की सुविधा का होना भी इसके लिए आवश्यक था,। इन सभी झंझटों को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने स्मार्टफोन हेतु मोबाइल फ्रेंडली एप्लीकेशन ’’योनो एसबीआई’’ एप्लीकेशन का ईजाद किया।

     

    आइये कुछ इसकी विशेषताओं के बारे में जानने का प्रयास करते हैं

    1. योनो एसबीआई भारतीय स्टेट बैक द्वारा बनाया गया एक ऐसा एप्लीकेशन/सॉफ्टवेयर है जिसका प्रयोग वित्तीय लेन देन आदि में किया जाता है, जो 24 घंटे सातों दिन काम करती है।

    2. योनो एसबीआई मोबाइल फ्रेंडली एप्लीकेशन हैं। जो कि एन्डरॉइड और आई.ओ.एस ऑपरेटिंग सिस्टम पर आसानी से चलता हैं। मोबाइल फ्रेंडली होने के कारण ये आसानी से उपयोग में लाया जा सकता हैं। जिसका उपयोग कभी भी किया जा सकता है।

    3. योनो एसबीआई एक ऐसा एप्लीकेशन हैं। जिसके माध्यम से आप::

    • ब्राडबैंड,
    • डीटीएच रिचार्ज,
    • बिजली बिल का भुगतान,
    • गैस का भुगतान, 
    • मोबाइल रिचार्ज,
    • लैंडलाइन,
    • फास्टटैंग, 
    • किसी भी प्रकार के लोन की किश्त (किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा प्राइवेट सेक्टर) का भुगतान आदि चुटकियों में कर सकते हैं।

    4. YONO SBI सिर्फ पैसों के हस्तांतरण का माध्यम नही हैं बल्कि इसके माध्यम से आप ट्रेन के टिकट भी बुक कर सकते हैं। जैसा आप इस चित्र के माध्यम से देख सकते हैं।
    What is YONO wearable device & how does it work क्या है Yono Wearable डिवाइस और कैसे काम करता है



    लेकिन ध्यान रहे, आपका I.R.C.T.C में रजिस्टर्ड होना जरूरी है, और यदि आप I.R.C.T.C में रजिस्टर्ड नही है, इसी इसी Yono Application के माध्यम से Registered भी हो सकते हैं, जैसा आप चित्र में देख पा रहे हैं।
    What is YONO wearable device & how does it work क्या है Yono Wearable डिवाइस और कैसे काम करता है
    5.  YONO SBI आपको Tap & pay का विकल्प भी उपलब्ध करवाता है जिसके माध्यम से आप 2000 तक भुगतान अपने वियरेबल डिवाइस (टाइटन पे वॉच) के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं, जिसके लिए आपके पास Titan Pay Watch होना आवश्यक है, जिसे आप अपनी कलाई पर नार्मल घड़ी की तरह ही बांध सकते हैं, ये सुरक्षित NFC (नियर फील्ड कम्यूनिकेशन) चिप के साथ आती है, और ये बिल्कुल आपके डेबिट कार्ड की तरह ही आपके अकाउंट से लिंक्ड होती है, जो बिना संपर्क में आये भुगतान करने की सुविधा प्रदान करती है। जिसका प्रयोग आप भारत में उन सभी जगहों पर कर सकते हैं, जो कॉन्टेक्टलेस भुगतान को स्वीकार करते हैं। आपको बताना आवश्यक है कि आज लगभग सभी मर्चेंट इस प्रकार के भुगतान को स्वीकार करते हैं।

    योनो द्वारा कॉन्टेक्टलेस भुगतान हेतु इस Wearable device का प्रयोग किया जाता है, जो किसी भी मर्चेंन्ट के POS टर्मिनल पर किया जा सकता है।

    इस वियरेबल डिवाइस के माध्यम से आप 2000 तक का भुगतान बहुत ही आसानी से बिना सम्पर्क में आये कर सकते हैं।