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18/7/21

What is Google Organization और कैसे लोगों की मदद करने का काम करती है। काम करता है?

 सर्च इंजन एक, काम है अनेक

What is Google Organization और कैसे लोगों की मदद करने का काम करती है। काम करता है?


शायद इस वाक्य से आपको पता चल गया होगा कि हम किस सर्च इंजन की बात कर रहे हैं?

हम बात कर रहे हैं  दुनिया के सबसे तेज सर्च इंजन जिसका नाम Google  है। और ये दुनिया का एक मात्र ऐसा सर्च इंजन है, जो पूरे विश्व के कोने-कोने में फैला हुआ है। 

आज हम गूगल की कुछ रोचक बातों को ही जानने का प्रयास करेंगें कि गूगल का सर्च इंजन काम कैसे करता है।

गूगल की इन 25 रोचक बातों के बारे में आप सभी का जानना अत्यन्त जरूरी है, जिसे जानकर आप कम से कम गूगल के बारे में थोड़ा बहुत जरूर जान जायेगें।


1- गूगल 4 सितम्बर 1998 को पूरी दुनिया के सामने आया। वैसे 15 सितम्बर, 1997 को ही गूगल, google.com के नाम से पंजीकृत हो गया था।


2-गूगल एक सर्च इंजन का काम करती है, जैसे ही कोई उपयोगकर्ता किसी भी प्रकार की सूचना को इंटरनेट पर खोजता है, गूगल के  रोबोट या Crawler  बहुत तेजी से सभी बेवसाइटों से उन मांगी गई सूचनाओं को सेकेन्डों में लाकर हमारे सामने प्रस्तुत कर देते हैं। ये पूरा काम स्वचालित (Automatic) तरीके से होता है।


3- गूगल कंपनी का स्वामित्व Google Ink  के पास है।


4- गूगल हमारे पलक झपकते ही किसी भी देश के राज्यों के अन्दर मौजूद नगर की स्थिति वहां का स्थानीय समय, मौसम इत्यादि के बारे में जानकारी उपलब्ध करवा सकता है।


5-कई देशों की मुद्रा Currency को चुटकियों में Convert  करके वर्तमान मूल्य को तुरंत बता सकता है, इसके अलावा मीटर को सेंटीमीटर में, किलोमीटर में परिवर्तन करना भी चुटकियों में संभव है।


6- गूगल किसी भी देश के नगर अथवा जिले के सार्वजनिक आंकड़ों यथा नगर की जनसंख्या, नगर का क्षेत्रफल, नगर का लिंगानुपात, साक्षरता दर, बेरोजगारी की दर आदि को तुरंत बता सकता है।


7- आप बैठे-बैठे गूगल से दुनिया की किसी भी भाषा को किसी भी भाषा में परिवर्तित कर सकते है, एवं परिवर्तित करके किसी भी देश के नागरिक से वहां की स्थानीय भाषा में बात कर सकते हैं। और इस कार्य में आपकी मदद करेगा, गूगल का सबसे बेहतरीन सॉफ्टवेयर Google Translate  जो मिनटों में 5000 शब्दों को एक बार में Translate कर सकता है।


8- दुनिया की किसी भी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी की किताब के किसी भी पन्ने को आप आसानी से पढ़ सकते है, और वो भी सिर्फ गूगल की मदद से।


9- गूगल में  एक ऐसी सेवा है जिसका नाम है Blogger , जिस पर आप अपनी वेबसाइट बनाकर अपने विचारों को लिख सकते है, जिस भी क्षेत्र में आप महारथी है, उस विषय के बारे में लिखे गए आपके लेख को पढ़ते-पढ़ते आपको  कई लोग आपके ब्लॉग पर आयेगें जो आपके लेख को पढ़ेगे।


10- जब भी किसी उपयोगकर्ता User  द्वारा किसी भी प्रकार के Query  को गूगल पर खोजा जाता है, तब गूगल बेहतरीन परिणामों को हमारे सामने लाकर रखता है, और उन्हीं परिणामों में से हम अपनी जरूरत के परिणामों में क्लिक करके देखते है।


11- किसी भी प्रकार की गणना को गूगल सिर्फ पलक झपकते हुए कर सकता है, चाहे फिर वह खरबों की गणना ही क्यों न हो।


12- आप चाहे तो गूगल से चुटकियों में पैसों का हस्तांतरण भी कर सकते हैं। Wallet.google.com ये सुविधा प्रदान करता है, लेकिन इसके लिए आपके पास गूगल वॉलेट होना जरूरी है। चूंकि ये सेवा निःशुल्क है परन्तु यदि आप अपने डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते है तो आपको नाममात्र का शुल्क भी देना पड़ सकता है, इसके बाद आप दुनिया के किसी भी कोने में अपने मित्र को धन भेज सकते हैं।


13- गूगल की Gmail सेवा पूरे विश्व में विख्यात है, जिसका प्रयोग अरबों की संख्या में लोग करते है, प्रति मिनट करोड़ों की संख्या में मेल भेजे एवं प्राप्त किये जाते हैं। Gmail को गूगल की सबसे ज्यादा पॉपूलर सेवा माना गया है।


14- गूगल की 90 प्रतिशत से भी ज्यादा कमाई का जरिया विज्ञापन है। गूगल किसी भी वेबसाइट पर विज्ञापनदाताओं के विज्ञापन चलाकर अपनी कमाई करता है और विज्ञापन से ही उसे अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होता है।


15- Search Engine Google 15 सितम्बर, 1997 में Google.com से रजिस्टर्ड हो गया था, तब किसी ने भी नही सोचा था कि गूगल आज विश्व का सबसे बड़ा सर्च इंजन बन जायेगा।


16- Google एक बहुत बड़ा मंच है, जिस पर  कोई भी आकर अपनी बात रख सकता है, गूगल इस बात को जानता है, कि कई लोगों को अपने विचार साझा करने का बेहतरीन मंच उपलब्ध नही हो पाता है, इसलिए उसने लोगों को अपने विचार रखने हेतु गूगल जैसे सर्च इंजन का इजाद किया, जिस पर आज करोड़ों लोग अपना ज्ञान देते है, जो अरबों लोगों तक पहुंचता है।


17- जब गूगल लांच हुआ था, तब इसमें Picture/photo को सर्च करने का कोई विकल्प मौजूद नही था, परन्तु 2001 में इस फीचर को गूगल के साथ जोड़ दिया गया।


18- दुनिया के किसी भी कोने को देखना हो तो इसके लिए गूगल ने अपनी Google Earth की सेवा को लांच किया, और ये सेवा लोगों के लिए 2005 में आ गयी।


19- यदि हम इंटरनेट पर कोई भी Keyword सर्च करते है तो हमारे लिए सबसे पहला ब्राउजर आता है क्रोम, जो गूगल का ही उत्पाद है, और बेहतरीन Search Browser है, इसकी लोकप्रियता इतनी है कि दुनिया कई देशों में इसके उपयोगकर्ता है, और वो अन्य ब्राउजर की अपेक्षा Chrome  को प्रयोग में लाना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। और फरवरी, 2012 में गूगल ने Chrome  को मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए भी जारी कर दिया।


20- हम सभी अपने जीवन में एंड्रायड स्मार्टफोन का प्रयोग करते है, लेकिन क्या आपको पता है कि एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस स्मार्टफोन 2008 में HTC  ने लांच किया।


21- "गूगल आज भी तकनीकी की उन गहराईयों को खोजने में लगा हुआ, और ऐसा कम्प्यूटर बनाने में लगा हुआ है, जो इंसानी दिमाग को पढ़कर वो सब कुछ कर सके, जो इंसान सोच रहा है।"


"Google is still engaged in exploring those depths of technology, and is engaged in making such a computer, which can read the human mind and do everything that a human is thinking."


22- गूगल बहुत तेजी से पहनने वाले कम्प्यूटर पर काम कर रहा है, अर्थात् जिस प्रकार से हम और आप कपड़े पहनते है, उसी प्रकार से हम कम्प्यूटर को भी पहन सकेंगे, और हमारे सोचने भर से हमारा सारा काम हो जायेगा।


23- लैरी पेज (Lawrence Edward Page) और सेर्गेई ब्रिन (Sergey Mikhaylovich Brin )दोनों बहुत ही अच्छे मित्र थे,और उन्होनें अपनी मित्रता के दम पर ही वो सारे नामुमकिन कामों को करके दिखा दिया, और विश्व स्तर पर गूगल को एक नयी पहचान दिलाई।


24- गूगल का सबसे बड़ा और मुख्य कार्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका United States of America के California राज्य के Mountain view में स्थित है, और इसके मुख्य कार्यालय  Head Quarter का नाम Google plex है। जहां पर गूगल अपने कर्मचारियों के लिए वो सारी सुविधाएं मुहैया करवाता है, जो किसी भी FIVE STAR HOTEL (पांच सितारा होटल) की सुविधाओं को भी पीछे छोड़ सकता है। इन सबके अलावा गूगल के परिसर में पर्यावरण से लेकर खाने पीने की सुविधा मिलती है, जिसे कोई भी कर्मचारी छोड़ नही सकता है।


गूगल सिर्फ सर्च इंजन का ही काम नही करता, बल्कि किसी भी प्रकार की पुस्तक को ढूढ़ने, उसे पढ़ने, अपनी राय व्यक्त करने की भी सुविधा प्रदान करती है, गूगल अंग्रेजी भाषा  के अलावा अन्य स्थानीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध करवाने की काम करता है।


25-इन सबके अलावा गूगल परोपकारिता altruism के कार्यो से भी जुड़ा हुआ है, google.org इन्ही सब कार्यो को करने का कार्य करती है, इस Organization के माध्यम से Google ने एक फण्ड का निर्माण किया है, जो विश्व स्तर पर गरीबी को दूर करने, जलवायु परिवर्तन के कार्यां में आर्थिक मदद देने का कार्य भी करती है।

Google Organization का उद्देश्य इसी बात को ध्यान में रखकर किया गया था कि आज विश्व के कई देशों में बहुत बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन यापन कर रही है, उन्हें कुछ हद तक राहत देने के लिए भी गूगल इस संस्था की जरिये लोगों को मदद करने का प्रयास करता है। इसके अलावा आज जलवायु परिवर्तन की समस्या से भी कई देश जूझ रहे है, और गूगल की ये संस्था इस दिशा में भी काफी अच्छा काम कर रही है।


     जब गूगल की शुरूआत हुई, तब इसमें सभी सामग्री सिर्फ अंग्रेजी भाषा में ही उपलब्ध थी, परन्तु जैसे-जैसे गूगल ने अपना कई देशों में विस्तार किया, तब उसे स्थानीय भाषा का भी सहारा लेना पड़ा और कई लोग गूगल पर स्थानीय भाषा में ही सामग्री को खोजने लगे है, जिस कारण आज गूगल कई भाषाओं में सामग्री उपलब्ध कराने लगा है।


आज गूगल के पास 160 देशों से भी ज्यादा देशों के डोमेन का स्वामित्व है

गूगल आज एक सर्च इंजन न होकर एक ब्रान्ड के रूप में हम सभी के सामने है, जो विश्व स्तर पर फैला हुआ है, और हमारी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन रात इस कार्य में लगा हुआ है।

भविष्य में गूगल के ऐसे चमत्कार देखने को मिलने वाले है, जिन्हें हम सिर्फ सपनों में सोच सकते हैं, जिसका वास्तविक जीवन से कोई लेना देना नही होता है, वो सपने भी सच करके दिखा देगा एक दिन गूगल।

आने वाले 5 से 10 सालों में हम गूगल को और भी ऊचाई पर देखने वाले है। बस इंतजार कीजिए उस समय का।


आशा है गूगल से जुड़ी कुछ बातें आपको जरूर अच्छी लगी होगी।

अपने विचार हमारे साथ जरूर साझा करें।




13/7/21

The world's strongest chip set has been launched.आखिरकार Qualcomm ने लांच कर ही दिया दुनिया का सबसे बेहतरीन चिपसेट।

आखिरकार क्वॉलकॉम ने लांच कर ही दिया, दुनिया का सबसे बेहतरीन चिपसेट।

Finally the world's strongest chipset has been launched.आखिरकार क्वॉलकॉम ने लांच कर ही दिया, दुनिया का सबसे बेहतरीन चिपसेट।


वैसे तो स्माटफोन के सभी पार्ट महत्वपूर्ण होते ही है जैसे Display, RAM, Battery, ROM, Camera, Charger, Processor  आदि। और देखा जाये तो इनमें से किसी के भी बिना कोई भी Smart Phone अपने आप में सम्पूर्ण नही कहा जा सकता है। अर्थात् स्मार्टफोन में इन सभी चीजों का होना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।


प्रोसेसर Processor जिसके बिना स्मार्टफोन पूरी तरह से अधूरा ही है फोन को रन कराने से लेकर उस पर काम करने तक में प्रोसेसर बहुत ही महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। प्रोसेसर किसी भी डिवाइस यथा Smartphone, Computer, Laptop, Tablet, Smart TV  Smart Devices आदि में प्रोसेसर का प्रयोग होता है जिसके बिना स्मार्टफोन को स्मार्ट कहना गलत होगा।


Qualcomm Processor:-


प्रोसेसर बनाने वाली कम्पनी "Qualcomm" क्वालकॉम कम्पनी की स्थापना इरविन मार्क जैकब के द्वारा सन् 1985 को की गयी थी, इरविन एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है इरविन जी के अलावा छः सह संस्थापक भी थे जिन्होंने इस कम्पनी की स्थापना में अपना योगदान दिया। क्वालकॉम जो एक वैश्विक कम्पनी है और जिसका मुख्यालय सैन डियागो कैलीफोर्निया राज्य (California State) ;संयुक्त राज्य अमेरिका (United states of America) में है।


क्वालकॉम Qualcomm का नाम "Quality Communication" के आधार पर ही पड़ा। क्वॉलकाम वर्तमान में सेमीकन्डक्टर्स प्रोसेसर चिपसेट सॉफ्टवेयर्स तो बनाती ही है, इसके अलावा ये 5G Technology पर भी बहुत तेजी से काम कर रही है। 


आज की तारीख में Qualcomm वैश्विक स्तर पर काम कर रही है और इसका नेटवर्क पूरे विश्व के कोने-कोने में पहुंच चुका है।


आज लगभग सभी बड़ी-बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कम्पनियां अपने स्मार्टफोन में Qualcomm Snapdragon  चिपसेट का ही इस्तेमाल करती है। जिसकी वजह से स्मार्टफोन और भी बेहतरीन तरीके से कार्य करती है।


और जब बात पावर की आती है तो हर व्यक्ति अपने मोबाइल को पावरफुल ही चाहता है, क्योंकि आधुनिक टेक्नोलॉजी के दौर में कोई भी व्यक्ति हैंग करने वाला मोबाइल बिल्कुल भी नही चाहता है। 


चूंकि प्रोसेसर के मामले में क्वॉलकॉम से बेहतर कुछ है नही, यदि हम फ्लैगशिप फोन की बात करते है। लेकिन मिड रेंज कैटेगरी में मीडियाटेक की बादशाहत बरकरार है।


अभी हॉल में इंटरनेट पर भी इसी तरह की Leaks निकलकर आयी थी, कि Qualcomm कुछ नया करने वाला है, और ये बात सही भी निकली और अन्ततः क्वॉलकॉम ने अपना अब तक का सबसे मजबूत और बेहतरीन चिपसेट "Qualcomm Snapdragon 888+" लांच कर ही दिया। जो अपने पूर्ववर्ती चिपसेट 888 से 20% प्रतिशत ज्यादा शक्तिशाली है।

इसे हम पुराने वाले चिपसेट का Advanced Version भी कह सकते हैं, जिस पर क्वॉलकॉम कंपनी काफी समय पहले से काम कर रही थी। 


आपको बता दे कि Qualcomm इसी तरह की सीरीज लेकर चल रहा है जैसे पहले क्वॉलकॉम अपना चिपसेट 855 लेकर आया उसके बाद उसी का एडवांस वर्जन 855+  ले आया, तत्पश्चात् 865 फिर उसका नया वर्जन 865+ और अभी हॉल ही में क्वॉलकॉम ने अपना सबसे बेहतरीन चिपसेट 888 लांच किया था, कि फिर से उसी का बेस्ट वर्जन Qualcomm Snapdragon 888+5G लेकर आ गया। 


""888 चिपसेट की फ्रीक्वेंसी X1 core कोर जिसे सबसे Powerful core कोर भी माना जाता है जो पहले 2.84 GHz  पर Clocked थी, वो अब 2.995 गीगाहर्ट्ज पर क्लॉक्ड की गयी है, मतलब 3.0 GHz पर। जो अपने पहले वाले चिपसेट से 20% प्रतिशत अधिक है।""


इस चिपसेट को कंपनी द्वारा बहुत ही अनुकूलित (Optimized) तरीके से बनाया गया है, जो अपनी पुरानी कमियों को पूरा करेगा।


अर्थात् पुराने वाले चिपसेट में जो खामियां थी, जैसे बैटरी का गर्म हो जाना, या बैटरी का जल्दी खत्म हो जाना, वो सभी बातों को ध्यान में रखकर ही कंपनी द्वारा इस चिपसेट का निर्माण किया गया है।

ये बात सभी को मालूम है कि कंपनी हर बार नये इनोवेशन करती है और अपनी पुरानी कमियों को दूर करते हुए अपने ग्राहकों को नया देने का प्रयास करती है।

ये चिपसेट भी उसी का एक बेहतरीन उदाहरण है।


किन-किन मोबाइल निर्माताओं के स्मार्टफोन में ये चिपसेट दिखने को मिलेगा।


देखिये जैसा कि पहले ही बताया गया है, जितने भी बड़े मैन्युफैक्चरर है, वो अपने सभी फ्लैगशिप स्मार्टफोन में इस चिपसेट का प्रयोग जरूर करेंगें, और ये बात हम सभी जानते है कि Honor, Vivo, Motorola, Oppo, Asus और Xiaomi आदि ये सभी मोबाइल निर्माता कम्पनियां अलाइन्ड Alline है, अर्थात् इन कम्पनियों के जितने भी फ्लैगशिप फोन Flagship phone लांच होगें उनमें ये दमदार चिपसेट देखने को जरूर मिलेगा। और फ्लैगशिप में क्वॉलकॉम ही लीडर है।

संभवतः अगस्त अथवा सितम्बर तक कम्पनियां अपने स्मार्टफोन में इस चिपसेट को लांच कर सकती है।


आशा है Qualcomm Chipset से सम्बन्धित ये जानकारी आपको बेहतर लगी होगी।










10/7/21

You will be surprised to know the features of the new Parliament House. कैसा होगा हमारा नया संसद भवन और क्या खासियत होगी इस इमारत की?

कैसा होगा हमारा नया संसद भवन और क्या खासियत होगी इस इमारत की?

How will be our new Parliament building and what will be the specialty of this building?

You will be surprised to know the features of the new Parliament House. कैसा होगा हमारा नया संसद भवन और क्या खासियत होगी इस इमारत की?


आज विस्तार से हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे।


भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से 10 दिसम्बर, 2020 को इस प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारम्भ हुआ।

नये संसद भवन को बनाने का विचार इसलिए भी लाया गया क्योंकि वर्तमान संसद भवन काफी पुराना हो चुका है, जो अंग्रेजों के समय का बना हुआ था, और जिसे बने हुये 100 वर्ष हो चुके थे, तथा यहां पर सदस्यों के बैठने की जगह भी कम पड़ने लगी थी, इन सभी कमियों पर विस्तार से विचार-विमर्श करने पर इसके निर्माण के बारे में सोचा गया, और आज इसका निर्माण प्रारम्भ हो गया है।


  • कहां पर बन रहा है नया संसद भवन ?


नया संसद भवन वर्तमान में पुराने संसद भवन के सामने बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, ये नया संसद भवन जिसे सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट "Central Vista Project" के अर्न्तगत ही बनाया जा रहा है। ’’सेन्ट्रल विस्टा’’ जिसकी चर्चा हम अभी कुछ समय पहले से सुनते आ रहे हैं। नये संसद भवन का डिजाइन त्रिकोण है, जो देखा जाये तो अमेरिका के पेंटागन इमारत की तरह प्रतीत होता है, और ये पुराने संसद भवन से कहीं ज्यादा मजबूत/टिकाऊ और निर्माण के मामले में अपने पूर्ववर्ती इमारतों से कहीं बेहतर होगा।


  • क्यों पड़ी इसकी जरूरत ?:- 

नये संसद भवन को बनाने के पीछे कई उद्देश्य भी है, परन्तु सबसे महत्वपूर्ण इसकी सुरक्षा को लेकर होता है.

"हम सभी को  मालूम है 13 दिसम्बर, 2001 का वह काला दिवस जब हमारे देश की संसद का पर आतंकवादी हमला हुआ था, ये आतंकवादी हमला पाकिस्तानी संगठनों के द्वारा ही किया गया था, जिसमें हमारे जवान भी शहीद भी हुये, और हमारे जवानों के द्वारा पांचों आतंकवादियों को मार भी गिराया गया था, इस आतंकवादी हमले ने हमारे पूरे देश को हिलाकर रख दिया था, तबसे लेकर पुराने संसद भवन की सुरक्षा को और भी मजबूत किया गया।"


इसके अलावा पुरानी संसद भवन एक दशक का समय पूरा कर चुकी है, और कई जगह से पुरानी भी हो चुकी है, जिसके बार-बार निर्माण में अनावश्यक के खर्चों को देखते हुए भी ये फैसला लिया गया। पुरानी संसद भवन में सदस्यों के बैठने की उतनी व्यवस्था नही है, इन सभी कारणों को देखते हुए नये संसद भवन को बनाने का फैसला लिया गया, और 10 दिसम्बर, 2020 को देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा इसका शिलान्यास किया गया।


  • कितना खर्च होगा इसके निर्माण में?:-


जैसा कि पहले बताया गया है कि उक्त नया संसद भवन "सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट" के तहत बनाया जा रहा है, जिसकी लागत 2000 करोड़ रूपये के आसपास है। जिसमें सिर्फ संसद भवन की लागत 971 करोड़ रूपये है, जो वास्तव में अपनी कलाकृति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण साबित होगा। नये सेन्ट्रल विस्टा का डिजाइन अहमदाबाद की मेसर्स एच.सी.पी डिजाइनिंग और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा किया गया है। 

You will be surprised to know the features of the new Parliament House. कैसा होगा हमारा नया संसद भवन और क्या खासियत होगी इस इमारत की?


दिल्लीवासियों द्वारा कई बार राष्ट्रपति निवास या फिर संसद भवन की सड़कों पर चहलकदमी जरूर की गयी होगी, ये पूरा क्षेत्र लगभग 3 किलोमीटर का है। और इस पूरे क्षेत्र के अंर्तगत हीः



पुराना संसद भवन

राष्ट्रपति भवन

हैदराबाद हाउस

बड़ौदा हाउस

भारत की शान "इंडिया गेट"

उत्तरी ब्लॉक (North Block)

दक्षिणी ब्लॉक (South Block)


आदि स्थित है औैर ये पूरा क्षेत्र अतिविशिष्ट V.V.I.P और अतिसुरक्षित Most Secured क्षेत्रों के अर्न्तगत आते हैं, जहां हमेशा V.V.I.P मूवमेंट होते रहते हैं, इसी पूरे क्षेत्र को सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट "Central Vista Project" के तहत  Redevelop किया जा रहा है, जहां पर देश के प्रधानमंत्री जी का नया घर तथा उनका नया कार्यालय, माननीय राष्ट्रपति जी का निवास, और नये संसद भवन का निर्माण चल रहा है।


  • कैसी होगी सुरक्षा व्यवस्था?:-


वैसे तो ये पूरा क्षेत्र ही सुरक्षित होगा, क्योंकि यहां पर देश के राष्ट्रपति के साथ-साथ देश के प्रधानमंत्री जी का निवास होगा, चूंकि 2001 को संसद पर हुये हमले के बाद से नये संसद भवन को इस प्रकार से बनाया जा रहा है कि यहां पर परिंदा भी पर नही मार पायेगा।


1. इसकी सुरक्षा यहां पर बेहतरीन प्रशिक्षित पीडीजी (पॉर्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप)"Parliament Duty Group" के युवा जवान करेंगें, ये सिर्फ 4 वर्षो के लिए ही सेना से आते है तथा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करके संसद की सुरक्षा का जिम्मा संभालते है, फिर पुनः अपनी बटालियन में वापस चले जाते है, इस ग्रुप का गठन का 2001 में संसद पर हुये आतंकवादी हमले के बाद किया गया था।


2. सुरक्षा की इस टुकड़ी में बेहतरीन Telescope Snipper Shooter भी होते हैं, जो देखते ही सेकेन्डों में आंतवादियों को गहरी नींद में सुला सकते हैं, इसके अलावा इनकी टीम के पास आधुनिक पिस्टल/इंसास राइफल, थर्मल कैमरा आदि आधुनिक उपकरण होते हैं। जो किसी भी प्रकार की संदिग्ध घटना से निपटने के लिए तैयार रहते हैं।


3. नई संसद भवन के कोने-कोने में उच्च क्षमता के कैमरें लगें हुए है, मुख्य प्रवेश द्वार पर इन कैमरों के द्वारा गाड़ी तथा गाड़ी के अन्दर बैठे व्यक्ति की Identity को चेक कर लिया जायेगा, उक्त के अलावा पूरी गाड़ी भी गेट पर ही Scanned हो जायेगी, और ये सारा काम बेहतरीन Software की मदद से आसानी से हो जायेगा।


4. नए संसद भवन की सुरक्षा कई लेयर में होगी, और ये इमारत सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करेंगी, तथा इसकी सुरक्षा को भेदना बिल्कुल भी आसान नही होगा।


5. सुरक्षा के लिहाज जब सभी मुद्दों पर बात कर ली गयी, परन्तु प्राकृतिक आपदाएं जिनसे कोई बच नही पाता, उससे इसकी सुरक्षा कैसे होगी, तो इसका भी पूरा इंतजाम यहां पर किया गया है, नए संसद भवन पर किसी भी प्रकार के भूकंप का कोई असर नही होगा, इसे इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि इस छोटे मोटे भूकम्पों का असर भी नही होगा। ये इमारत पूरी तरह से भूकम्परोधी होगी।


  • कितनी क्षमता है नये संसद भवन की?:-


पुराने संसद भवन में लोकसभा और राज्य सभा के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था थी, जो नाकाफी थी, परन्तु भविष्य में लोकसभा की सीटों के विस्तार को देखते हुए यहां पर दोनों सदनों को मिलाकर 1272 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गयी है। जिसमें 888 लोकसभा के सदस्य और 384 राज्यसभा के सदस्यों की व्यवस्था होगी।

नये संसद भवन का क्षेत्रफल भी 64500 वर्गमीटर है जो पूर्व संसद भवन से 17000 वर्ग से भी बड़ा है, इतने विशाल संसद भवन की सुरक्षा भी अद्भुत होगी।


नये संसद भवन का निर्माण संभवतः 2022 तक तथा पूरे सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण 2024 तक किये जाने का प्रस्ताव है, जिस पर दिन रात तेजी से काम चल रहा है, और आने वाले समय में हमारे देश का नया संसद भवन अपने आप एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करेगा, ये इमारत पर्यटन के दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए एक समय के साथ परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है, और ये परिवर्तन भी हमारी आने वाली पीढ़ियों को काफी कुछ सीखने का मौका प्रदान करेंगी।

"नये संसद भवन के निर्माण से एक नये भारत का भी निर्माण होगा।"


आशा है नयें संसद भवन तथा सेंट्रल विस्टा से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण बातें आप सभी को सीखने को मिली होगीं।

अगर लेख पसन्द आये तो शेयर भी जरूर करें।




ये जानकारी भी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।





















6/7/21

How to Trade in Dogecoin in Hindi like Bitcoin in 2021? Know it is an advantage or disadvantage. Dogecoin में ट्रेड कैसे करें, और कितना करें

आज हम ऐसे विषय पर बात करेंगें जिस पर अभी भी कई लोग बात करने में हिचकिचाते हैं।

आज हम एक ऐसी ही मुद्रा के बारे में बात करने वाले है, जो एक "आभासी मुद्रा" है। जिसे अंग्रेजी की भाषा में "Virtual currency" कहा जाता है।

How to Trade in Dogecoin in Hindi like Bitcoin in 2021? Know it is an advantage or disadvantage. Dogecoin में ट्रेड कैसे करें, और कितना करें


हम बात करने वाले है Dogecoin के बारे में।


इंटरनेट की भाषा में आपने कभी न कभी Bitcoin का नाम तो जरूर सुना होगा, जो कि एक आभासी मुद्रा के अर्न्तगत आता है जिसका व्यापार सिर्फ इंटरनेट पर ही उपलब्ध है। 

आपने हमेशा संभवतः यही सोचते होंगे कि यदि सबसे मंहगी कोई वस्तु है तो वो है सोना, हीरा, प्लेटिनम इत्यादि। परन्तु क्या कभी आपने कल्पना की है कि एक बिटक्वॉइन की कीमत कितनी होगी। तो आप अभी जान लीजिएःः

1 बिटक्वाइन की वर्तमान कीमत भारतीय मुद्रा में 26,26,624.00 अर्थात् (छब्बीस लाख छब्बीस हजार छः सौ चौबीस) कीमत सुनकर आप चौक गये होगें लेकिन ये सत्य है।

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में यदि हम बिटक्वाइन की बात न करें, ऐसा हो ही नही सकता, क्योंकि आभासी मुद्रा के रूप में बिटक्वाइन ही ऐसी मुद्रा है जो सबसे पहले चलन में आई, जिसको सबसे पहले Satoshi Nakamoto जी ने 2009 में बनाया था। उसके बाद ही अन्य आभासी मुद्रांए चलन में आयी थी।

चूंकि ये मुद्रा एक डिजिटल मुद्रा Digital Currency है, जिसे केवल ऑनलाइन वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने में किया जाता है।

आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि ये एक "विकेन्द्रीकृत मुद्रा" (Decentralized currency) है जिस पर सरकार को कोई नियंत्रण नही होता है।


परन्तु आज हम Bitcoin के बारे में नही बल्कि Dogecoin के बारे में बात करेंगें

Dogecoin एक डिजिटल करेंसी की तरह है, जिसे आप ऑनलाइन खरीद एवं बेच सकते हैं। Dogecoin की शुरूआत आज से लगभग 7 वर्ष पूर्व 2013 में 

बिली मार्कस और जैकसन पालमर ने 2013 में की थी, चूंकि Bitcoin काफी मंहगी मुद्रा होने के कारण सभी की पहुंच से काफी दूर है, परन्तु कई लोगों की Dogecoin में रूचि देखी गयी है, और लोग इसमें ट्रेंड करना पसन्द कर रहे हैं।

How to Trade in Dogecoin in Hindi like Bitcoin in 2021? Know it is an advantage or disadvantage. Dogecoin में ट्रेड कैसे करें, और कितना करें
image credit: pixabay

1. Dogecoin को कैसे और कहां से खरीदें?


जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि इसे ऑनलाइन ही खरीदा जा सकता है, और कुछ वेबसाइट ही ऐसी है जिनमें अकाउंट बनाकर आप उक्त डोगीक्वाइन को खरीद सकते हैं। जैसे आप BuyUcoin, या Zebpay के माध्यम से खरीदा जा सकता है। उक्त खरीदारी हेतु सर्वप्रथम आपको केवाईसी प्रोसेस को पूरा करना होगा तभी आप ट्रेंडिंग कर सकते हैं।


2. कौन है Dogecoin के मालिकः


जैसा कि पूर्व में ही बताया गया है कि Dogecoin के मालिक Billy Markus और Jackson Palmer  जी है, जिन्होंने दिसम्बर, 2013 में इसको बनाया था, और आज ये करेंसी वर्चुअल मुद्रा की दुनिया में छा गई है।


3. Dogecoin के क्या-क्या फायदे है?

Dogecoin में धोखाधड़ी होने की संभावना लगभग न के बराबर होती है, और इसमें सभी ट्रांजेक्शन बहुत ही सुरक्षित तरीके से होते है। रखरखाव हेतु इसमें आपको कम फीस अदा करनी होती है, तथा मूल्य कम होने के कारण आप इसमें आसानी से ट्रेंड कर सकते हैं।


4- क्या भविष्य में Dogecoin का भविष्य अच्छा हैः

जब 2009 में वर्चुअल करेंसी के रूप में Bitcoin आया तब किसी ने भी नही सोचा था कि आज इसकी कीमत लाखों में होगी, उसी प्रकार Dogecoin भी आज की तारीख में किसी भी मल्टीनेशनल कम्पनी को पीछे छोड़ सकती है, जिसकी वैल्यू अरबों डॉलर में है, और पूरी दुनिया के लोग इसमें रूचि दिखा रहे है।

 

हम आपको बताना चाहते है जब 2009 में बिटक्वाइन आया था तो उसकी कीमत 0.30$ डॉलर थी, और उस वक्त 1$ डॉलर की भारतीय मुद्रा में कीमत 48.31 रूपये थी। तो 0.30$ सेंट की कीमत सिर्फ लगभग 14.40 पैसे के आसपास हुई। आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते है कि यदि किसी व्यक्ति के द्वारा उस वक्त 300$ डॉलर में 1000 एक हजार Bitcoin खरीदे गये होते तो आज उसकी कीमत कितनी होती।


आइये हम जोड़कर बताते हैः


आज बिटक्वाइन की वर्तमान कीमत 26,26,624 रूपये है।


अर्थात् 2626624-1000 2,626,624,000 (2 अरब बासठ करोड़ छाछठ लाख चौबीस हजार) हो जाती। 


मतलब 300 डॉलर में जो भारतीय मुद्रा में आज की डेट में 22,371 होते।

इतना बड़ा प्रोफिट

इसके आगे बोलने की आवश्यकता प्रतीत नही होती।


5. क्या है नुकसान?:-

इसका सबसे बड़ा नुकसान ये है कि यदि आपने एक बार आपने अपनी ID  को खो दिया,या आप उसे भूल जाते है, तो आप अपने खरीदी गयी धनराशि को भी हमेशा के लिए भूल जाइये, चाहे उसमें करोड़ों ही क्यों न हों।

दूसरा कहते है कि इसमें एक बार गलती से भी ट्रांजेक्शन कर दिया तो पुनः उसे यथावत् करना संभव नही हो पाता है।


आशा है कि Dogecoin से जुड़ी कुछ अच्छी बातें आपको जरूर सीखने को मिली होंगी, ये ट्रेडिंग के दृष्टिकोण से एक बेहतरीन विकल्प होता है, जिसमें आप आसानी से अपना अकाउंट बनाकर आज से ही ट्रेंडिंग कर सकते है.

लेकिन सावधान।

इसमें किसी भी प्रकार के नुकसान हेतु सिर्फ और सिर्फ आप ही जिम्मेदार होंगे, और इसमें सरकार भी आपकी किसी प्रकार से मदद नही करेगी।

और किसी भी चीज की ज्यादा लत नुकसानदायक हो सकती है।


यदि आपका कोई सुझाव हो तो हमारे साथ जरूर साझा करें।





ये जानकारी भी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
















4/7/21

How to earn money sitting at home from mobile, how to earn money by recharging Jio airtel, मोबाइल से घर बैठे पैसा कैसे कमाये, जियो एयरटेल रिचार्ज करके पैसा कैसे कमाये।

GoPaisa से ढेर सारा Cashback कैसे कमायें।


कूपन और कैशबैक उपलब्ध करवाने के मामले में यदि किसी वेबसाइट का नाम आता है तो वो भारत की बेहतरीन कम्पनियों में से एक जिसका नाम है।
GoPaisa

गो पैसा GoPaisa एक कूपन और कैशबैक उपलब्ध करवाने वाली वेबसाइट है जिसकी स्थापना 2012 में अमन जैन और अंकिता जैन जी द्वारा की गयी थी।


GoPaisa द्वारा कूपन और डील्स के लिए कुछ ब्रान्ड्स जैसे Cleartrip और Flipkart से समझौता किया गया था,उसके बाद से इसने अपने कारोबार को बढ़ाया।


यदि ये कहा जाये कि GoPaisa का बिजनेस मॉडल Affiliate Marketing  की तरह है,तो गलत नही होगा, जिसमें GoPaisa के मेम्बर इस वेबसाइट के माध्यम से किसी भी बड़े वेबसाइट पर विजिट कर सकते है, और अपने मनपसंद का उत्पाद खरीद  सकते है। जिस पर कम्पनी कुछ कमीशन गो पैसा को देती है, जिसमें से "80 से 90 प्रतिशत कमीशन गो पैसा अपने यूजर को दे देती है" तथा शेष कमीशन अपने पास रखती है।

GoPaisa भी Cashkaro की ही तरह एक Affiliate Marketing बेस्ड कंपनी है, जो कमीशन कमाती है और उसका कुछ हिस्सा अपने ग्राहको की देती है। कुछ अपने पास रखती है।


GoPaisa में हमें कई कंपनियों के स्टोर मिल जायेगें, जिन पर हम GoPaisa के माध्यम से विजिट करके खरीदारी करके अच्छा खासा कैशबैक cashback कमा सकते है।

चित्र संख्या 2

कैसे कमा सकते है कैशबैक :- जानिये इस चित्र के माध्यम से।

जैसा आप इस चित्र संख्या 2 में देख सकते है।

इस चित्र में OnePlus की Website से उक्त टेलीविजन खरीदने पर आपको 2.1 प्रतिशत का कैशबैक मिलता है। यदि इस प्रतिशत को हम धनराशि में परिवर्तित करते है तो 37999 की टीवी का 2.1 प्रतिशत मूल्य 797.97 पैसे होता है। अर्थात् उक्त धनराशि आपके GoPaisa अकाउन्ट में जमा कर दी जाती है।


आइये जानते हैं कि गो पैसा में कौन-कौन सी कंपनियां लिस्टेड है, और वास्तव में इनमें कितना प्रतिशत का कमीशन मिल जाता है। और किन-किन उत्पादों पर कमीशन/कैशबैक नही नही मिलता है।


1. ग्रासरी किराना Grocery Item : FLIPKART, STAR QUIK, FRESH TO HOME. 


2. आवश्यक वस्तुएं Essential Item: AMAZON, FLIPKART, TATA CLIQ, BIG BAZAAR, AMAZON PANTRY 


3. स्वास्थ्य और दवाईयां Health & Medicines : MediBuddy, Netmeds, 1mg, PharmaEasy, Appolo medics 


4. सौन्दर्य और कॉस्मेटिक का सामान Beauty: The Body shop, Tata Cliq, Amazon, Flipkart, P&G shop 


5. शिक्षा Education: Eduonix, Udemy, Tutorials Points, Gradeup 


6. डोमेन की खरीदारी Domain: GoDaddy


7. फैशन के उत्पाद Fashion : Flipkart, Amazon, Ajio, Tata cliq, Myntra, Bluestone


8. रिचार्ज और बिलों का भुगतान Recharge and Bill Payments: Amazon, Phonepay Recharge


9. यात्रा एवं होटल्स Travel & Hotels : Oyo, Make My trip, Expedia, Cleartrip, Goibibo, Indigo, FabHotels  


10. फूड डिलीवरी Food Delivery: Fassos, Swiggy, Domino's 


ये सिर्फ कुछ उदाहरण मात्र के स्टोर है, जिनके बारे में आपको बताया गया है, उक्त के अलावा भी GoPaisa में ऐसे ही कई स्टोर है, जो ढेर सारा कैशबैक ऑफर करते है। बस आपको GoPaisa वेबसाइट के माध्यम से ही जाकर उक्त वेबसाइटों से सामान की खरीदारी करनी है, और कुछ समय बाद ही आपके द्वारा खरीदे गये उत्पाद का कैशबैक आपके गोपैसा अकाउन्ट में जमा कर दिया जायेगा, जो आपको पेन्डिंग Pending  के रूप में दिखायी देगा।


परन्तु जैसे ही आपकी धनराशि कन्फर्म CONFIRMED  हो जाती है, तो आप उसे देख सकते है, जैसा आप चित्र में देख सकते है। उक्त धनराशि को आप किसी भी समय निकाल सकते हैं।

                                                                                    चित्र संख्या 1

जब वेबसाइट द्वारा इस बात की पुष्टि हो जाती है कि उक्त उत्पाद आप द्वारा खरीदा गया था, तब GoPaisa को उसका कमीशन प्राप्त हो जाता है, जो कि आपके खाते में GoPaisa द्वारा जमा कर दिया जाता है। (कुछ धनराशि को काटने के पश्चात्)


यहां पर ये बताना भी समीचीन होगा कि यदि आप फ्लिपकार्ट अथवा अमेजॉन से शॉपिंग करते हैं, तो आपको कैशबैक के रूप में रिवार्ड प्राप्त होता है, जिसका भुगतान आप Amazon अथवा Flipkart के Voucher के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।

और यदि अन्य वेबसाइट से कुछ खरीदारी करते है तो कैशबैक के रूप में उक्त धनराशि आपको प्राप्त होती है, जिसका भुगतान आप सीधे अपने बैक अकाउंट में ले सकते हैं।


कब निकाल सकते है पैसाः-

जैसे ही आपके GoPaisa अकाउन्ट में 100 रूपये की कन्फर्म धनराशि हो जाती है, वैसे ही आप इसका भुगतान ले सकते हैं।

जैसा आप उक्त चित्र संख्या 3  में देख सकते हैं। 

                                                                                   चित्र संख्या 3

तो आपने चित्र के माध्यम से भी समझ लिया कि GoPaisa कैसे काम करता है।

आज कंपनियां अपने उत्पादों को बेचने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करती हैं, और ये तरीका पूरी तरह से Affiliate Marketing जैसा ही है, इसलिए आप भी GoPaisa से जुड़कर हर खरीदारी पर कैशबैक कमा सकते हैं।


support@gopaisa.com GoPaisa से सम्बन्धित किसी भी समस्या के लिए गोपैसा को उक्त मेल आईडी पर मेल किया जा सकता है।


आशा ही नही पूरा विश्वास है कि आपको कैशबैक से जुड़ी ये जानकारी पसंद आयी होगी।

















3/7/21

What is One Country One Ration card Scheme आखिर क्या है एक देश, एक राशन कार्ड योजना?, इस योजना के क्या लाभ है किसको मिलेगा इसका लाभ?

 आखिर क्या है एक देश, एक राशन कार्ड योजना?


भारत सरकार द्वारा अगस्त, 2019 से पूरे देश में "एक देश, एक राशन कार्ड योजना" (One Country One Ration card Scheme) का प्रारम्भ किया गया, जिसका उद्देश्य देश के समस्त प्रवासी मजदूरों को राशन उपलब्ध करवाना था। ये भारत सरकार की एक ऐसी महत्वपूर्ण योजना है, जिसका लाभ भारत देश में निवास कर रहे सभी मजदूरों को जो काम के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। कोरोना जैसी महामारी में इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को राशन मिलेगा, जिनके पास अब कोई काम भी नही है।

What is One Country One Ration card Scheme आखिर क्या है एक देश, एक राशन कार्ड योजना?, इस योजना के क्या लाभ है किसको मिलेगा इसका लाभ?


आइये जानते है कैसे मिलेगा इसका लाभः

यह योजना पूरे देश में 2019 से लागू है, जिसका लाभ देश के सभी राज्यों और केन्द्रशासित  प्रदेशों के मजदूरों को ही मिलना है। इसके लिए भारत सरकार एक डेटाबेस तैयार कर रही है, जिसके माध्यम से लाभार्थी को इसका लाभ मिल सकेगा। डेटाबेस तैयार होने से प्रवासी मजदूर चाहे किसी भी राज्य में रहे उसके राशन मिलता रहेगा। अभी हाल ही में देश की  सर्वोच्च अदालत द्वारा केन्द्र सरकार से इस विषय पर जानकारी भी मांगी गयी कि वास्तव में डेटाबेस तैयार हुआ अथवा नही, जिसके जवाब में केन्द्र सरकार की तरफ उपस्थित सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता द्वारा बताया गया कि अभी इसके लिए अभी केन्द्र सरकार को और समय की जरूरत है।

सर्वोच्च अदालत द्वारा यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री "गरीब कल्याण योजना" के तहत  नवम्बर तक प्रवासी मजदूरों को राशन कैसे प्राप्त होगा, जिनका राशन कार्ड नही बना है, इसके जवाब में सॉलिसीटर जनरल द्वारा बताया गया कि राज्यों को 8 लाख मीट्रिक टन  खाद्यान दिया गया है, अब राज्यों को इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करनी है।


पीठ के द्वारा यह भी कहा गया कि "गरीब कल्याण योजना" के तहत प्राप्त आपूर्ति सभी लाभार्थियों तक पहुंचे, और योजना को अस्थायी रूप से उन लोगों के लिए भी विस्तारित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, जिनके पास अभी भी राशन कार्ड नही हैं।


आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या कर रही है?:-

जैसा कि बताया गया है कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सरकार एक बेहतरीन डाटाबेस तैयार कर रही है, जिसमें सभी मजदूरों को जोड़ने की व्यवस्था की गयी है, डाटाबेस में मजदूर के जुड़ जाने से सबसे बड़ा लाभ ये होगा, सिर्फ एक क्लिक पर ही मजदूर की जानकारी मिल जायेगी, और यदि वह देश के किसी भी कोने में होगा तो भी उसे राशन मिल जायेगा।

चूंकि "गरीब कल्याण योजना" भी सरकार की महत्वपूर्ण योजना Important Scheme है, और इस योजना के तहत भी सरकार सभी को राशन देने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस योजना के तहत दीपावली तक उन सभी लोगों को राशन मिलता रहेगा, जिससे उनके सामने खाने का संकट उत्पन्न न हो सकें। अभी हाल ही कोविड की वजह से इस कार्य में अत्यधिक बिलम्ब हुआ है, सरकार द्वारा इसके लिए शीर्ष अदालत से भी अतिरिक्त समय की मांग की गयी है, जिससे डाटाबेस तैयार करके जल्द से जल्द आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा सके।


कोरोना के कारण ही कई मजदूरों की नौकरी चली गयी और उनके सामने खाने का संकट उत्पन्न हो गया इस स्थिति से निपटने के लिए ही सरकार द्वारा गरीब कल्याण योजना लाई गईजिसके माध्यम से लगभग 80 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को मुफ्त में अनाज देने की योजना है, केन्द्र सरकार द्वारा इसकी आपूर्ति हेतु ही इस प्रकार के डेटाबेस की जरूरत है, जिसके माध्यम से लाभार्थी को इसका पूरा लाभ मिल सके।


कोविड के कारण इस कार्य में बिलम्ब भी हुआ और उन मजदूरों के सामने भोजन का संकट भी खड़ा हो गया, जिसके कारण आपूर्ति ठीक प्रकार से नही हो सकी, अभी हाल में कोरोना के मामलों में तेजी से गिरावट आने के कारण सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, और असंगठित मजदूरों का डाटाबेस भी तैयार किया जा रहा है , जो भविष्य में खाद्यान आपूर्ति की दिशा में बेहतरीन मील का पत्थर साबित होगा।


सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में यह योजना लागू है, और इस योजना के अर्न्तगत किसी भी क्षेत्र विशेष के नागरिक राशन कार्ड के माध्यम से देश के किसी भी राज्य में पीडीएस राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं, और ये बात जगजाहिर है कि इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ प्रवासी मजदूरों/असंगठित मजदूरों को ही होगा। तथा इन मजदूरों को पूरी सुरक्षा मिलेगी।


पीडीएस के जो लाभार्थी है उनकी पहचान उनके आधार कार्ड पर ईपीओएस (इलेक्ट्रॉनिक्स पाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से की जा सकती है, योजना को लागू करने के लिए सभी पीडीएस राशन की दुकानों पर भी पीओएस (POS) मशीन लगाया जाना है। इसके होते ही एक देश, एक राशन कार्ड योजना में इसको शामिल कर लिया जायेगा।

परन्तु अभी भी पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली आदि राज्यों द्वारा इस योजना को लागू नही किया जा सका है।


योजना को लागू करने में किस प्रकार की दिक्कतें होती है?:-

1.चूंकि ये योजना पूरे भारत के सभी राज्यों में लागू होनी है, और करोड़ों लोगों को इस योजना का लाभ भी मिलना है। और भारत जैसे विशाल देश की आबादी को इस योजना से जोड़ना किसी चुनौती से कम भी नही है, सभी प्रवासी मजदूरों, असंगठित मजदूरों के नाम डाटाबेस में जोड़ना बहुत बड़ा कार्य है, जिसके लिए निरंतरता की सख्त जरूरत है।


2. भारत में कई ऐसे राज्य है जहां पर अभी इस दिशा में कोई कार्य भी प्रारम्भ नही हो सका है, उसका सबसे बड़ा कारण केन्द्र और राज्यों में समन्वय की कमी। कई राज्य इसे लागू करने की दिशा में कोई रूचि भी नही दिखा रहे हैं, जिसके कारण भी अनावश्यक बिलम्ब हो रहा है, चूंकि ये एक "केन्द्रीय योजना" है, इसलिए गैर भाजपा शासित राज्यों में इसे लागू करना भी एक बहुत बड़ी चुनौती है।


3. चूंकि सभी पीडीएस राशन की दुकानों पर पीओएस मशीनों को भी लगाया जाना है, वो भी एक बड़ी चुनौती के रूप में सरकार के सामने है, और इस कार्य के लिए ई-पीओएस मशीनों की जरूरत है, जो बिना नेटवर्क के काम नही करती है, कई क्षेत्र ऐसे है जहां पर कनेक्टिविटी की समस्या आम बात है, खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में। इसके कारण भी सरकार को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।


4. केन्द्र सरकार की इस योजना का लाभ प्रवासी मजदूरों को न मिलने का एक कारण और भी है और वो ये है कि राज्य इसका श्रेय स्वयं लेना चाहते है और अपने राज्य में अपनी योजनाओं को लागू करना चाहते है, जिसके कारण गरीब मजदूरों को उनका हक नही मिल पाता है।


5.  "एक देश और एक राशन कार्ड योजना" का लाभ लेने हेतु मजदूरों का आधार, राशन कार्ड से लिंक्ड होना जरूरी है तभी इस योजना का लाभ लाभार्थी को मिल सकता है, अन्यथा नही, परन्तु अभी भी करोड़ों लोग ऐसे है, जिनका राशन कार्ड उनके आधार से लिंक नही हो पाया है जिसका खामियाजा गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।

 

अब यदि सभी असंगठित मजदूरों/श्रमिकों का डेटाबेस तैयार हो जायेगा तो इसका लाभ सभी को जरूर मिलेगा। बस जरूरत है इस दिशा में निरन्तर प्रयास किये जाने की। राज्यों को भी इस योजना में केन्द्र सरकार का पूर्ण सहयोग करना चाहिए जिससे इसका लाभ सभी मजदूरों को मिल सकें, और कोई भी गरीब भूखा न सो पाये।


अब देखना है कि केन्द्र सरकार इस दिशा में किस स्तर पर तेजी से कार्य करती है, यदि असंगठित मजदूरों को इस योजना से जोड़ना है तो इस दिशा में तेजी से केन्द्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों को भी तेजी से प्रयास करने होगें, क्योकिं ये एक बहुत बड़ी योजना है, और इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों का डाटाबेस तैयार करना बहुत बड़ी चुनौती बनकर केन्द्र के सामने है, इसलिए राज्य सरकारों को केन्द्र के साथ समन्वय स्थापित करके इस योजना को लागू किये जाने की दिशा में तेजी से प्रयास करना होगा, तभी करोड़ों लोगों को सरकार की इस योजना का लाभ मिल पायेगा। 

 

आशा है केन्द्र सरकार की योजना एक देश एक राशन कार्ड से सम्बन्धित सभी जानकारी आप सभी को जरूर पसंद आयी होगी।

अपने विचारों को हमारे साथ जरूर साझा करें।

ये आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है।