-->

28/11/21

अभिनव एम्बूलेंस सेवा Abhinav Ambulance service kya hai आपको पता होना चाहिए इसकी विशेषताओं के बारे में।

उत्तर प्रदेश की गायों के लिए वरदान है ये एम्बूलेंस योजना जानिये इसके बारे में.

अभिनव एम्बूलेंस सेवा Abhinav Ambulance service kya hai आपको पता होना चाहिए इसकी विशेषताओं के बारे में।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा नई एम्बूलेंस सेवा का शुभारम्भ किया जा रहा है
, जो बहुत जल्दी अस्तित्व में आने वाली है।

इस तरह की सेवा देने वाला उत्तर प्रदेश संभवतः पहला राज्य है, जहां इस तरह की सेवा प्रारम्भ होने जा रही है।

 

इस सेवा का नाम है "अभिनव एम्बूलेंस सेवा"

जो प्रदेश की गायों के बेहतरीन इलाज को ध्यान में रखते हुए प्रारम्भ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री जी इस सेवा का प्रारम्भ दिसम्बर माह में करने जा रहे हैं। ये सी.एम.सी सेवा 24 घंटे सक्रीय रहेगी, जिससे किसी भी समय इस सेवा का लाभ लिया जा सकता है।

इस सेवा को और बेहतर करने के लिए District में कन्ट्रोल रूम भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो लगातार इस पर काम करेंगें।

इस सेवा को प्रारम्भ करने का उद्देश्य प्रदेश की गायों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराना है।

इस सेवा का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को खासतौर से होने वाला है, जहां पर गायों को ले जाने की सुविधा नही हो पाती है, इस सेवा के प्रारम्भ होने से आसानी से गायों को एम्बूलेंस के माध्यम से ले जाया जा सकेगा, और उपचार किया जा सकेगा।

 

क्या लाभ होगें इस सेवा के आइये विस्तार से जानते हैं?


(1). इस सेवा को प्रारम्भ को प्रारम्भ करने के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को बजट भी आवंटित करवा दिया है, बस बहुत जल्द ही 520 एम्बूलेंस खरीदकर इस दिशा में तेजी से कार्य प्रारम्भ किया जा सकेगा।


(2). यह सेवा 24 घंटे कार्य करेगी, और प्रत्येक एम्बूलेंस में एक डॉक्टर मेडिकल स्टाफ भी रहेगा जो गाय के इलाज में सहयोग करेगा।


(3). कई बार ऐसा होता है, सड़को पर घूमने वाली गाय अक्सर हादसे का शिकार हो जाती है, और घायल अवस्था में कोई भी उन्हें अस्पताल या पशु स्वास्थ्य केन्द्र नही ले जाता है, और उसे समय पर इलाज न मिलने के कारण वह दम भी तोड़ देती है, ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ही इस एम्बूलेंस सेवा को प्रारम्भ किया गया है, जिससे किसी भी घायल गाय की सूचना मिलने पर तत्काल एम्बूलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल भी ले जाया जा सकेगा।


(4). गायों के लिए एम्बूलेंस सेवा प्रारम्भ करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां पर इस तरह की व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।


(5). उक्त के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार बहुत जल्द गायों के लिए मुफ्त गर्भाधान तकनीक को भी लागू करने जा रही है, जिसका लाभ सभी पशुपालकों को मिलने की प्रबल संभावना है।


उक्त के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार गायों के लिए मुफ्त गर्भाधान की सुविधा भी करने जा रही है, इसका सबसे बड़ा लाभ उन पशुपालको को होगा, जिन्हें अपनी गायों का गर्भाधान करवाने के लिए धनराशि खर्च करनी पड़ती है, प्रदेश सरकार "एब्रियो ट्रांसप्लान्ट" ( Embryo Transplant ) टैक्नीक के माध्यम से गायों के बेहतरीन गर्भाधान का व्यवस्था भी करने जा रही है, सरकार पशुपालकों को 3 बार तक मुफ्त गर्भाधान करवाने की भी सुविधा प्रदान करेगी।


अभी शुरूआती चरण में 1-2 जिलों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले है, इसके बाद से सरकार इसको प्रदेश के समस्त जिलों में लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

और इस तकनीक की सबसे अच्छी बात ये है कि "इस तकनीक के माध्यम से 90 प्रतिशत से भी ज्यादा संभावना बछिया पैदा होने के होते हैं।"


यदि यह तकनीक  कारगर होती है तो प्रदेश में गर्भाधान की समस्या का समाधान जड़ खत्म हो जायेगी, और बछिया होने से दूध के उत्पादन में भी बढोत्तरी होने की प्रबल संभावना रहेगी।

जैसा आपने देखा सरकार इस दिशा में बहुत तेजी से कार्य कर रही है, और दिसम्बर तक अभिनव एम्बूलेंस सेवा की शुरूआत भी सरकार कर देगी।















नया मतदाता बनने के लिए Form6, Form 6A, Form 7, Form 8, फार्म 8A कहां से Download kare, पूरी प्रक्रिया को जाने

लोकतंत्र में अपनी बेहतरीन भागीदारी से राष्ट्र निर्माण करने के लिए मतदाता होना आवश्यक है और इसके लिए सबसे जरूरी पात्रता है आपकी उम्र जो 18 वर्ष होनी चाहिए। 


18 वर्ष की आयु सरकार द्वारा इसलिए निर्धारित की गयी है इस उम्र में मनुष्य की समझ विकसित होने लगती है और वह अपने विवेक से सही उम्मीदवार का चयन करके राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका अदा करता है।


इसलिए चुनाव को लोकतंत्र के उत्सव की संज्ञा दी गयी है। आज हम आपको वोटर बनने की सभी प्रक्रियाओं के बारे में बतायेगें।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नये मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है, इसके साथ-साथ विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को संचालित किया गया है और इसकी शुरूआत 1 नवम्बर 2021 से प्रारम्भ भी हो चुकी है, जो 30 नवम्बर 2021 तक चलेगा।



  • मतदाता बनने की अर्हता :

                                                किसी भी चुनाव हेतु मतदाता की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए और चुनाव आयोग द्वारा इस बार 7 जनवरी 2022 तक उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गयी है।

अर्थात्,

यदि 7 जनवरी 2022 तक आपकी उम्र 18 वर्ष हो जाती है तो आप मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं और आप इसके लिए आवेदन भी कर सकते हैं।




  • क्या करना होगा मतदाता बनने के लिए :

                                                                               यदि  7 जनवरी, 2022 तक आपकी उम्र 18 वर्ष हो जाती है तो आप मतदाता बनने की पात्रता रखते है और आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने के लिए आपको www.ceouttarpradesh.nic.in website पर विजिट करना है, इस वेबसाइट पर आपको सभी प्रकार के फार्म मिल जायेगें, परन्तु ध्यान रहे आपको नया मतदाता बनना है, तो इसके लिए आपको फार्म 6 को डाउनलोड करना होगा।


आइये इस चित्र के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं कि आपको किस कार्य हेतु किस Form की आवश्यकता होगी।

नया मतदाता बनने के लिए Form6, Form 6A, Form 7, Form 8, फार्म 8A कहां से Download kare, पूरी प्रक्रिया को जाने


जैसा आप देख पा रहे है यहां पर आपको प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग फार्म भरने की आवश्यकता होती है,उक्त फार्म को सावधानी पूर्वक आपको भरना है और जिन स्थानों पर बताया गया है, वहां जाकर जमा कर देना है। फार्म जमा करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर उक्त की सूचना भी आयेगी, और यदि किसी प्रकार का संसोधन है तो वह भी आसानी से हो जायेगा।


  • फार्म डाउनलोड करने के बाद क्या करें :-

                                                                                      फार्म डाउनलोड करने के बाद बारी आती है इसको भरने की, उक्त फार्म को प्राप्त करते ही आपको सावधानीपूर्वक इसे भरना है, और भरने के पश्चात् अपना आवेदन पत्र (Form), फोटो, जन्मतिथि का प्रमाण पत्र आदि लगाते हुए निम्नलिखित स्थानों पर जमा करना है।


1). जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन ( District Magistrate ) अधिकारी के कार्यालय में।

2). तहसील के उपजिलाधिकारी (Deputy Collector) कार्यालय में जिसको जिले का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी कहा जाता है।

3). तहसील में स्थित तहसीलदार के कार्यालय में।

4). तहसील परिसर में स्थित मतदाता पंजीकरण केन्द्र पर

या

5). आपका जो सम्बन्धित पोलिंग बूथ है वहां के बूथ लेबल अधिकारी (Booth label officer) के पास जमा करना है।



मतदाता सूची में नाम कैसे देखें :-

                                                          आप  www.ceouttarpradesh.nic.in  वेबसाइट पर विजिट करके Search your Name Electoral Roll  के बटन पर क्लिक करके अपना नाम देख सकते है।

जैसा आप उक्त चित्र में देख सकते हैं।


नया मतदाता बनने के लिए Form6, Form 6A, Form 7, Form 8, फार्म 8A कहां से Download kare, पूरी प्रक्रिया को जाने



जैसा आप चित्र में देख पा रहे है यहां पर आते ही आपको सर्च योर नेम इलेक्टोरल रोल पर क्लिक करते ही आपके सामने एक फार्म आ जायेगा, जिस पर आपको कुछ जानकारी भरनी होती है,

जैसे:-

  • नाम
  • पिता का नाम
  • जन्म तिथि
  • लिंग
  • राज्य 
  • जिला
  • विधानसभा क्षेत्र का नाम

तथा कैप्चा (Captcha )
उक्त सारी जानकारी भरते ही आपके सामने सारी जानकारी आ जायेगी।


इसलिए आप अपना अपना बहुमूल्य वोट देकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका को अदा करें, और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें।

वोट जरूर डालें




















15/11/21

When will the new Parliament building will be completed in India?

आखिर क्यों जरूरत पड़ी नया संसद भवन बनाने की, और क्या लाभ होगें इस नये संसद भवन से?

why was there a need to build a new parliament building, and what would be the benefits of this new parliament building

                                     भारत की राजधानी नई दिल्ली में बनने वाले "Central Vista" प्रोजेक्ट के अर्न्तगत नए पार्लियामेंट (संसद भवन) को बनाने के पीछे कई कारण भी है.

When will the new Parliament building will be completed in India?


जिसमें महत्वपूर्ण कारण है:-


1. पुराने संसद भवन की उम्र 100 वर्ष से भी अधिक हो गई है, और कई जगह से इसके निर्माण की जरूरत पड़ती रहती थी, इस कारण इसके निर्माण की आवश्यकता महसूस हुई।


2. नए संसद भवन के बनने से इसकी सुरक्षा को और भी बेहतर किया जा रहा है, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बहुत आवश्यक भी है। हम संसद भवन पर हुए आतंकवादी हमले को कभी भूल नही सकते है। नया संसद भवन सुरक्षा के लिहाज से पुराने संसद भवन की अपेक्षा अधिक बेहतर होगा।


3. भारत देश जो कि दुनिया में आबादी के हिसाब से दूसरे स्थान पर है, और इतनी बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करने के लिए संसद सदस्य होते हैं, जो देश के कोने-कोने का प्रतिनिधित्व भी करते हैं, भविष्य में संसद सदस्यों की संख्या में विस्तार होने की प्रबल संभावना है, और पुराने संसद भवन में और अधिक सांसदों के बैठने की समुचित व्यवस्था नही है, जिसके कारण नये संसद भवन के निर्माण की आधारशिला रखी गयी है।


4. नया संसद भवन पर्यावरण के अनुरूप बनाया जा रहा है, जो काफी बड़े क्षेत्रफल में होगा।



आइये जानते हैं कैसी होगी इसकी सुरक्षा ?:-

                                      

1- इसकी सुरक्षा यहां पर बेहतरीन प्रशिक्षित पीडीजी (पॉर्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप)"Parliament Duty Group" के युवा जवान करेंगें, ये सिर्फ 4 वर्षो के लिए ही सेना से आते है तथा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करके संसद की सुरक्षा का जिम्मा संभालते है, फिर पुनः अपनी बटालियन में वापस चले जाते है, इस ग्रुप का गठन का 2001 में संसद पर हुये आतंकवादी हमले के बाद किया गया था।


2-  सुरक्षा की इस टुकड़ी में बेहतरीन Telescope Snipper Shooter भी होते हैं, जो देखते ही सेकेन्डों में आंतवादियों को गहरी नींद में सुला सकते हैं, इसके अलावा इनकी टीम के पास आधुनिक पिस्टल/इंसास राइफल, थर्मल कैमरा आदि आधुनिक उपकरण होते हैं। जो किसी भी प्रकार की संदिग्ध घटना से निपटने के लिए तैयार रहते हैं।


3-  नई संसद भवन के कोने-कोने में उच्च क्षमता के कैमरें लगें हुए है, मुख्य प्रवेश द्वार पर इन कैमरों के द्वारा गाड़ी तथा गाड़ी के अन्दर बैठे व्यक्ति की Identity को चेक कर लिया जायेगा, उक्त के अलावा पूरी गाड़ी भी गेट पर ही Scanned हो जायेगी, और ये सारा काम बेहतरीन Software की मदद से आसानी से हो जायेगा।


4-  नए संसद भवन की सुरक्षा कई लेयर में होगी, और ये इमारत सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करेंगी, तथा इसकी सुरक्षा को भेदना बिल्कुल भी आसान नही होगा।


5-  सुरक्षा के लिहाज जब सभी मुद्दों पर बात कर ली गयी, परन्तु प्राकृतिक आपदाएं जिनसे कोई बच नही पाता, उससे इसकी सुरक्षा कैसे होगी, तो इसका भी पूरा इंतजाम यहां पर किया गया है, नए संसद भवन पर किसी भी प्रकार के भूकंप का कोई असर नही होगा, इसे इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि इस छोटे मोटे भूकम्पों का असर भी नही होगा। ये इमारत पूरी तरह से भूकम्परोधी होगी।



  • कितनी लागत आयेगी नये संसद भवन को बनाने में ( How much will it cost to build the new parliament building) :-?

                                                                                                       चूंकि नया संसद भवन सुरक्षा के लिहाज बेहतरीन बनाया जा रहा है, और यहां पर सुरक्षा के सारे मानक मौजूद होगें, इस भवन को पूरी तरह से भूंकपरोधी भी बनाया जा रहा है अर्थात् छोटे-मोटे भूकम्पों का तो इस पर कुछ असर होगा ही नही, इसलिए इस पर खर्च करना लाजिमी भी है, इस संसद भवन पर लगभग 971 करोड़ रूपये की लागत आने की संभावना है।


कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य जो आपका जानना जरूरी है


1. नये संसद भवन में बहुत बड़ा हॉल है, जिसकी क्षमता हजारों में होगी।


2. यहां पर लोकसभा सदस्यों तथा राज्यसभा सदस्यों के लिए बहुत बड़ा लाउन्ज भी होगा।


3. कैन्टीन के अलावा बहुत बड़ी लाइब्रेरी भी होगी तथा कमेटी रूम्स भी होगें।


4. नये संसद भवन को पूरी तरह से पेपरलेस बनाने की व्यवस्था की जा रही है, अर्थात् कागज का प्रयोग न के बराबर जो पर्यावरण की दृष्टि से भी बेहतर होगा।


5. नये संसद भवन को बनाने का समय अक्टूबर, 2022 तक निर्धारित किया गया है।



  • कितनी क्षमता है नये संसद भवन की (what is the capacity of the new parliament building:-

                                                   पुराने संसद भवन में लोकसभा और राज्य सभा के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था थी, जो नाकाफी थी, परन्तु भविष्य में लोकसभा की सीटों के विस्तार को देखते हुए यहां पर दोनों सदनों को मिलाकर 1272 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गयी है। जिसमें 888 लोकसभा के सदस्य और 384 राज्यसभा के सदस्यों की व्यवस्था होगी।

नये संसद भवन का क्षेत्रफल भी 64500 वर्गमीटर है जो पूर्व संसद भवन से 17000 वर्ग से भी बड़ा है, इतने विशाल संसद भवन की सुरक्षा भी अद्भुत होगी।


नये संसद भवन का निर्माण संभवतः 2022 तक तथा पूरे सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण 2024 तक किये जाने का प्रस्ताव है, जिस पर दिन रात तेजी से काम चल रहा है, और आने वाले समय में हमारे देश का नया संसद भवन अपने आप एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करेगा, ये इमारत पर्यटन के दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए एक समय के साथ परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है, और ये परिवर्तन भी हमारी आने वाली पीढ़ियों को काफी कुछ सीखने का मौका प्रदान करेंगी।

"नये संसद भवन के निर्माण से एक नये भारत का भी निर्माण होगा।"










14/11/21

kya gold bond mein nivesh karake carorepati ban sakate hain ya nahi?

Sovereign Gold Bond  गोल्ड बांड एक ऐसा निवेश है जिसमें निवेश करके आप अच्छी खासी धनराशि को इकट्ठा कर सकते हैं, भारतीय परिवेश में यदि हम देखते हैं तो लोग सोने में निवेश करना पसन्द करते हैं परन्तु वो सोने के जेवरात या Gold coin अथवा बिस्किट खरीदकर उसमें निवेश करना पसन्द करते हैं। खासतौर से धनतेरस, अक्षय तृतीया अथवा अन्य धार्मिक त्यौहारों के समय भारतीय सोना खरीदना शुभ मानते हैं और वो खरीदते भी है।

kya gold bond mein nivesh karake  carorepati ban sakate hain ya nahi?


                                    परन्तु सभी निवेश सलाहकार आपको सोने के जेवरात खरीदकर उसमें निवेश करने की सलाह कभी नही देते है उनकी राय में स्वर्ण आभूषणों में निवेश करना बिल्कुल समझदारी नही है। इसलिए वो आपको सोने के बिस्किट अथवा 24 कैरेट गोल्ड में निवेश करने की सलाह देते हैं। परन्तु इसमें भी रिस्क होता है इसलिए सरकार ने आम जनता के लिए एक ऐसी स्कीम लांच की है, जिसे हम सभी सॉवरेन गोल्ड बांड के नाम से जानते हैं।


सॉवरेन गोल्ड बांड जारी करने का सरकार उद्देश्य लोगों को निवेश के प्रति जागरूक करना है, इसमें निवेश करके निवेशकर्ता अच्छी खासी धनराशि  भी इकट्ठा कर सकता है और अपने भविष्य के सपनों को साकार कर सकता है।

आज हम सभी गोल्ड बांड की 


विशेषताओं, लाभ उसके रिटर्न और हानियों के बारे में विस्तृत तरीके से जानने का प्रयास करेगें।


  • क्यों करें सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेशः

                                                                भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक वर्ष या फिर किसी ऐसे शुभ मुहुर्त पर Sovereign Gold Bond जारी करता है, जिन्हें किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, डाकघर अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था से खरीदा जा सकता है। जिसे आप ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन दोनों माध्यम से खरीद सकते हैं। गोल्ड बांड एक प्रकार का प्रमाण-पत्र जैसा होता है, जो इस बात को प्रमाणित करता है कि आप द्वारा सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश किया गया है।

                                                                         उक्त प्रमाण-पत्र में आप द्वारा खरीदी गयी यूनिट की संख्या, यूनिट की धनराशि, परिपक्वता की तारीख आदि का उल्लेख होता है। सॉवरेन गोल्ड बांड एक ऐसा सुरक्षित निवेश है, जिसमें निवेश करने की सलाह हमें निवेश सलाहकार भी देते हैं, क्योंकि सॉवरेन गोल्ड बांड एक बेहतरीन रिटर्न देने वाला निवेश है। इसलिए इसमें करके आप अपने भविष्य की दिशा को तय कर सकते हैं।


  • कितना मिलता है रिटर्न  :?

                                           इसमें कितना रिटर्न मिलता है ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप द्वारा इसमें कितना निवेश किया गया है, और परिपक्वता पर सोने का मूल्य क्या होगा ? आपको बता दे, कि सॉवरेन गोल्ड बांड में आपके द्वारा निवेश की गयी धनराशि का 2.5 प्रतिशत ब्याज आपके बचत खाते में प्रत्येक छः माह को आता रहता है, जो पूरे 8 वर्षों तक आता रहेगा।


एक छोटे से उदाहरण  Example से समझिये कि आपको कितना रिटर्न सिर्फ ब्याज से मिल जायेगा।

उदाहरण स्वरूप यदि आज की तारीख में 1 यूनिट का मूल्य 5000 है और आप इसके 100 यूनिट में निवेश करते हैं। तो आपको कितना ब्याज मिल जायेगा। 


इस चार्ट के माध्यम से समझिये।

kya gold bond mein nivesh karake  carorepati ban sakate hain ya nahi?


जैसा आपने इस चार्ट में देखा कि 100 यूनिट खरीदने पर जिसका मूल्य 5000 रूपये प्रति यूनिट है, और 5 लाख रूपये निवेश करने के लिए आपको 6250 रूपये प्रत्येक छः माह में प्राप्त होती है।

ये तो बात हुई सिर्फ ब्याज से प्राप्त होने वाली धनराशि जो आपको 8 वर्षों तक मिलती ही रहेगी।


अब बात करते हैं कि आपको परिपक्वता ( Maturity ) पर कितनी धनराशि प्राप्त होगी।

तो देखिये परिपक्वता पर उस वक्त सोने का जो भी भाव होगा, उसी भाव के अनुसार आपको यूनिटों का दाम मिलेगा।


उक्त उदाहरण में आपने देखा कि यूनिट का वर्तमान दाम 5000 प्रति यूनिट था, यदि हम 8 वर्षों बाद 1 ग्राम सोने का भाव 9000 रूपये मानकर चलते हैं। तो परिपक्वता पर आपको 9 लाख रूपये की धनराशि रूपये मिल जायेगी। बैंक आपको 8 वर्षों बाद सोने का जो भाव होगा, उसी अनुसार भुगतान करेगा।

इस प्रकार हमें 1 लाख ब्याज की धनराशि और 4 लाख की  मेच्योरिटी धनराशि प्राप्त हो जाती है अर्थात् कुल 5 लाख रूपये। जो आपके निवेश का दुगना हो जाता है।


  • क्या Sovereign Gold Bond में निवेश करके करोड़पति बन सकते हैं :

                                                                                                                                                                   कई लोगों के दिमाग में यह बात भी चलती है कि क्या सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश करके करोड़पति बन सकते है, तो इसका जवाब हां हैं, क्योंकि एक निवेश सलाहकार इस बात को बताता है कि यदि आप लगातार निवेश को बनाये रखते हैं तो आप आसानी से करोड़पति बन सकते हैं।

सिर्फ निवेश की धनराशि को बढ़ाये जाने की जरूरत है।


  • इस स्कीम में न्यूनतम कितना निवेश किया जा सकता है?

                                                                                                                                          भारतीय रिजर्व बैंक राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से अक्षय तृतीया या अन्य शुभ अवसर पर Sovereign Gold Bond जारी करती है, जिसे ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन खरीदने की व्यवस्था होती है, इसके अलावा इसको यदि आप ऑनलाइन खरीदते हैं तो इसमें प्रत्येक यूनिट पर आपको 50 रूपये की छूट भी प्राप्त होती है। इसमें निवेश करने के लिए आपको न्यूनतम 1 यूनिट अर्थात् 1 ग्राम सोना खरीदना ही होता है। अधिकतम सीमा 4000 ग्राम है । अर्थात् 4 किलो.


सभी लाभों और विशेषताओं के बारे में जानने के बाद इसकी कुछ हानियों के बारे में भी जान लीजिएःः


वैसे तो गोल्ड बॉण्ड में निवेश एक बहुत अच्छा विकल्प है फिर भी इसमें कुछ कमियां अवश्य है।

1. चूंकि इसमें किया गया निवेश पूरी तरह सुरक्षित है परन्तु इसमें निवेश का समय काफी लम्बा है, जिसके कारण कई लोगों को इसमें निवेश करने में परेशानी हो सकती है।


2. गोल्ड बॉण्ड में किया गया निवेश सोने के मूल्यों पर निर्भर करता है, अर्थात् आपके निवेश की परिपक्वता पर सोने का मूल्य यदि ज्यादा न हुआ तो आपको अच्छा रिटर्न नही मिल पायेगा।


3. सोने के निवेश में यदि गिरावट आयेगी तो इसमें बेहतरीन रिटर्न मिलने की संभावना नही होती है।














9/11/21

What are the benefits and features of the new Parliament House you should know?

क्यों जरूरत पड़ी नये संसद भवन की ?


                          भारत में बनने वाले नये संसद भवन को बनाने के पीछे कई कारण भी है, क्योंकि पुराना संसद भवन (Parliament) काफी पुराना हो चुका है और समय के हिसाब से इसमें भी बदलाव जरूरी थे, जिसके कारण इस प्रोजेक्ट को बनाने का कॉन्सेप्ट आया।

What are the benefits and features of the new Parliament House you should know?



बात करते है इसके लाभ (Advantages) की:

कि क्यों इस प्रोजेक्ट को बनाया जा रहा है,और क्या लाभ होगें इस प्रोजेक्ट के।


भारत की राजधानी नई दिल्ली में बनने वाले "Central Vista" प्रोजेक्ट के अर्न्तगत नए पार्लियामेंट (संसद भवन) को बनाने के पीछे कई कारण भी है.

 

जिसमें महत्वपूर्ण कारण है:-


1. पुराने संसद भवन की उम्र 100 वर्ष से भी अधिक हो गई है, और कई जगह से इसके निर्माण की जरूरत पड़ती रहती थी, इस कारण इसके निर्माण की आवश्यकता महसूस हुई।


2. नए संसद भवन के बनने से इसकी सुरक्षा को और भी बेहतर किया जा रहा है, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बहुत आवश्यक भी है। हम संसद भवन पर हुए आतंकवादी हमले को कभी भूल नही सकते है। नया संसद भवन सुरक्षा के लिहाज से पुराने संसद भवन की अपेक्षा अधिक बेहतर होगा।


3. भारत देश जो कि दुनिया में आबादी के हिसाब से दूसरे स्थान पर है, और इतनी बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करने के लिए संसद सदस्य होते हैं, जो देश के कोने-कोने का प्रतिनिधित्व भी करते हैं, भविष्य में संसद सदस्यों की संख्या में विस्तार होने की प्रबल संभावना है, और पुराने संसद भवन में और अधिक सांसदों के बैठने की समुचित व्यवस्था नही है, जिसके कारण नये संसद भवन के निर्माण की आधारशिला रखी गयी है।


4. नया संसद भवन पर्यावरण के अनुरूप बनाया जा रहा है, जो काफी बड़े क्षेत्रफल में होगा।


आइये जानते हैं कैसी होगी इसकी सुरक्षा ?:-

                                      

1- इसकी सुरक्षा यहां पर बेहतरीन प्रशिक्षित पीडीजी (पॉर्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप)"Parliament Duty Group" के युवा जवान करेंगें, ये सिर्फ 4 वर्षो के लिए ही सेना से आते है तथा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करके संसद की सुरक्षा का जिम्मा संभालते है, फिर पुनः अपनी बटालियन में वापस चले जाते है, इस ग्रुप का गठन का 2001 में संसद पर हुये आतंकवादी हमले के बाद किया गया था।


2-  सुरक्षा की इस टुकड़ी में बेहतरीन Telescope Snipper Shooter भी होते हैं, जो देखते ही सेकेन्डों में आंतवादियों को गहरी नींद में सुला सकते हैं, इसके अलावा इनकी टीम के पास आधुनिक पिस्टल/इंसास राइफल, थर्मल कैमरा आदि आधुनिक उपकरण होते हैं। जो किसी भी प्रकार की संदिग्ध घटना से निपटने के लिए तैयार रहते हैं।


3-  नई संसद भवन के कोने-कोने में उच्च क्षमता के कैमरें लगें हुए है, मुख्य प्रवेश द्वार पर इन कैमरों के द्वारा गाड़ी तथा गाड़ी के अन्दर बैठे व्यक्ति की Identity को चेक कर लिया जायेगा, उक्त के अलावा पूरी गाड़ी भी गेट पर ही Scanned हो जायेगी, और ये सारा काम बेहतरीन Software की मदद से आसानी से हो जायेगा।


4-  नए संसद भवन की सुरक्षा कई लेयर में होगी, और ये इमारत सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करेंगी, तथा इसकी सुरक्षा को भेदना बिल्कुल भी आसान नही होगा।


5-  सुरक्षा के लिहाज जब सभी मुद्दों पर बात कर ली गयी, परन्तु प्राकृतिक आपदाएं जिनसे कोई बच नही पाता, उससे इसकी सुरक्षा कैसे होगी, तो इसका भी पूरा इंतजाम यहां पर किया गया है, नए संसद भवन पर किसी भी प्रकार के भूकंप का कोई असर नही होगा, इसे इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि इस छोटे मोटे भूकम्पों का असर भी नही होगा। ये इमारत पूरी तरह से भूकम्परोधी होगी।



  • कितनी क्षमता है नये संसद भवन की?:-


पुराने संसद भवन में लोकसभा और राज्य सभा के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था थी, जो नाकाफी थी, परन्तु भविष्य में लोकसभा की सीटों के विस्तार को देखते हुए यहां पर दोनों सदनों को मिलाकर 1272 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गयी है। जिसमें 888 लोकसभा के सदस्य और 384 राज्यसभा के सदस्यों की व्यवस्था होगी।

नये संसद भवन का क्षेत्रफल भी 64500 वर्गमीटर है जो पूर्व संसद भवन से 17000 वर्ग से भी बड़ा है, इतने विशाल संसद भवन की सुरक्षा भी अद्भुत होगी।


नये संसद भवन का निर्माण संभवतः 2022 तक तथा पूरे सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण 2024 तक किये जाने का प्रस्ताव है, जिस पर दिन रात तेजी से काम चल रहा है, और आने वाले समय में हमारे देश का नया संसद भवन अपने आप एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करेगा, ये इमारत पर्यटन के दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए एक समय के साथ परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है, और ये परिवर्तन भी हमारी आने वाली पीढ़ियों को काफी कुछ सीखने का मौका प्रदान करेंगी।

"नये संसद भवन के निर्माण से एक नये भारत का भी निर्माण होगा।"


8/11/21

Should I write post when my site under review for AdSense?

क्या AdSense का अप्रूवल लेने के दौरान हम अपने ब्लॉग पर पोस्ट लिख सकते हैं?


                         
कई लोगों के दिमाग में आता है कि यदि हमने AdSense के लिए अप्लाई कर रखा है तो क्या हम अपनी वेबसाइट/ब्लॉग पर आर्टिकल लिख सकते हैं या नहीं, तो इसका जवाब है हाँ


आज प्रतिदिन कई हजार नए Blog बनाये जा रहे है, और प्रतिदिन कई हजार वेबसाइट भी बनाई जाती है किसी को एडसेंस का अप्रूवल मिल जाता है तो किसी को अप्रूवल मिलता ही नही है।


कई लोगों के दिमाग में ये बात आती है कि यदि हमने एडसेंस के लिए Apply कर दिया है तो क्या हम अपनी वेबसाइट पर आर्टिकल लिखते रहें या नही?

कुछ बिन्दुओें के माध्यम से ये बात समझने का प्रयास करते हैं कि ये कैसे काम करता है।


और यदि आप एडसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो आपको इन सभी बातों का ध्यान रखना ही होगा।


1). आपने अपनी नई वेबसाइट बनाई है, और आप उस पर नये आर्टिकल लिख रहे हैं तो आपको इस बात का विशेष ध्यान देना है कि आप अपनी वेबसाइट पर निरन्तर आर्टिकल/लेख लिखते रहें। इस निरन्तरता को नियमित बनाये रखे।


2). आपने यदि 20-25 आर्टिकल लिखने के बाद एडसेंस के लिए आवेदन कर दिया है, तो लगातार अपने आर्टिकल की संख्या को बढ़ाते रहें।


उदाहरण के तौर पर यदि आप 3-4 दिनों के अन्तराल पर 1 यूनीक आर्टिकल लिखते हैं, तो यही प्रयास करें कि नियमित समय पर ही आपका लेख प्रकाशित हो जाये।


3). कई लोग 25-30 लेख लिखने के बाद इस आशा में बैठ जाते हैं कि जब उनको एडसेंस का अप्रूवल मिलेगा, तभी वो लिखेगें, ऐसा बिल्कुल नही होना चाहिए, आपको लगातार अपने लेख लिखने है, जिससे गूगल को भी इस बात का एहसास हो, कि आप अपने कार्य के प्रति सजग है और अपने काम को गंभीरता से ले रहें हैं।


4). वैसे एडसेंस का अप्रूवल अधिकतम 10-15 दिनों में मिल जाता है, और कई बार ऐसा भी देखा गया है कि एडसेंस का अप्रूवल सिर्फ 24 घंटों के अन्दर ही मिल जाता है।


5). इस बात का हमेशा ध्यान देना है कि आपको किसी का कंटेट चुराना नही है और न ही कॉपी करना है, अन्यथा आप कितने भी आर्टिकल क्यों न लिखे आपको AdSense का अप्रूवल नही मिलेगा।


  • आखिर ढेर सारे आर्टिकल होने के बावजूद भी एडसेंस का अप्रूवल क्यों रिजेक्ट हो जाता है?


        कई बार ऐसा होता है जब हम कई आर्टिकल लिखते है इसके बावजूद हमें एडसेंस का अप्रूवल मिल नही पाता है, इसके पीछे कई कारण होते है हम ऐसे ही 5 महत्वपूर्ण कारणों को बताने का प्रयास करेगें जिसके कारण AdSense का अप्रूवल मिलने में बहुत दिक्कत होती है।


1). यदि आपके ब्लॉग पर आर्टिकल बहुत छोटे-छोटे लिखे होते है अर्थात् 200 या 300 शब्दों के आर्टिकल तो आपको एडसेंस का अप्रूवल मिलने में दिक्कत हो सकती है, क्योंकि किसी भी ब्लॉग के लिए ये आवश्यक है कि आर्टिकल की शब्द सीमा कम से कम 500 शब्द होना ही चाहिए।


2). आपके द्वारा लिखे गये लेख बिल्कुल यूनीक होने चाहिए, अर्थात् ऐसे आर्टिकल जिसके माध्यम से किसी भी विषय पर विस्तृत ज्ञान दिया गया हो, यदि संभव हो तो चित्रों के माध्यम से बताया गया हो।


3). आपके द्वारा लिखे गये लेख किसी भी वेबसाइट से चुराये हुये या कॉपी किये गये नही होने चाहिए, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि गूगल का एल्गोरिदम बहुत ही बेहतरीन है, वो आपके लिखे गये लेख से पता लगा सकता है कि उक्त आर्टिकल कहीं से चुराये गये है, इसलिए आपको एडसेंस मिलने में कठिनाई हो सकती है।


4). आपके द्वारा लिखे गये आर्टिकल में अश्लील सामग्री बिल्कुल भी नही होनी चाहिए, आपका लेख कम से कम 500 से 600 शब्दों में होने ही चाहिए, वैसे बेहतरीन आर्टिकल की लम्बाई 1000-1200 शब्दों  में हो तो ज्यादा बेहतर है।


5). आपकी वेबसाइट जिस भी नीस से सम्बन्धित हो आपको उसी विषय पर लेख लिखने है, अर्थात् यदि आपकी वेबसाइट यदि Food के विषय से सम्बन्धित है तो आपको उसी के बारे में लिखने का प्रयास करना चाहिए न कि आप उस पर Technology के बारे में बताये।