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21/8/22

A huge responsibility is going to fall on the shoulders of Akash Ambani Mukesh Ambani handed over the entire business of Jio to Akash.

                                                       क्या आकाश अंबानी जियो की कमान संभाल पाएंगे?


                  देश की सबसे बड़ी एवं सबसे महत्वपूर्ण कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ( Reliance Industries ) की कमान अब तीसरी पीढ़ी के हाथों में जाने वाली है ,अर्थात तीसरी पीढ़ी के रूप में श्री आकाश अंबानी के हाथों में..


आपको बता दें प्रथम पीढ़ी के रूप में धीरूभाई अंबानी जी ने इस कंपनी की शुरूआत की थी, और उसको आगे ले जाने का काम वर्तमान में देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी जी ने किया है, चूंकि अब मुकेश अंबानी अपने इस कारोबार को और आगे की तरफ ले जाते हुए इसका उत्तरदायित्व अपने बड़े बेटे आकाश अंबानी जी को देना चाहते हैं इसलिए उन्होनें रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान अपने बड़े बेटे आकाश अंबानी को सौपने का फैसला लिया है।



बताते चले 
अभी हाल ही में देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक एवं चेयरमैन मुकेश अंबानी जी ने अपनी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जिओ इन्फोकॉम से इस्तीफा देकर इसकी कमान अपने बड़े बेटे आकाश अंबानी को ही सौंप दी, जिसे काफी सराहा भी जा रहा है।


क्यों आवश्यकता हुई आकाश को कमान सौंपने की :- 

                                                                        पिछले वर्ष दिसंबर में अंबानी ने अपने उत्तराधिकार योजना का जिक्र किया था , इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि 2002 में मुकेश अंबानी जी को अपने पिता स्वर्गीय श्री धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के पश्चात अपने छोटे भाई अनिल अंबानी से उत्तराधिकार की लड़ाई लड़नी पड़ी थी, इसका कारण मृत्यु से पहले स्वर्गीय श्री धीरुभाई अंबानी ने कोई भी वसीयत नहीं छोड़ी थी जिसके कारण दोनो भाइयों में विवाद उत्पन्न हो गया था, अंततः मुकेश की माताजी को बीच में आकर दोनों भाइयों में कंपनी का बंटवारा करना पड़ा था, इस कारण मुकेश अंबानी को अपने उत्तराधिकार की घोषणा करनी पड़ी जिससे भविष्य में मुकेश जी के परिवार में भी इस तरह की स्थिति उत्पन्न ना होने पाए.


मुकेश अंबानी और अनिल अम्बानी की लड़ाई काफी सुर्खियों में रही थी, और अधिकतर न्यूजपेपर में इस खबर का जिक्र किया गया था, क्योंकि उद्योग जगत में काफी कम ऐसा देखने को मिलता था।

आज वर्तमान में मुकेश अम्बानी जी अनिल अम्बानी से काफी आगे निकल चुके है, और विश्व के धनिकों की सूची में उनका नाम शीर्ष स्तर पर विराजमान भी है।


वैसे फोर्ब्स की वर्तमान सूची में मुकेश अम्बानी जी शीर्ष 10 पर मौजूद है, क्योंकि हॉल ही सूची में Gautam Adani जी बिल गेट्स जी को पछाड़कर चौथे स्थान पर विराजमान हो गयें।


देखिए ( Forbes ) फोर्ब्स सूची के अनुसार कौन किस नम्बर पर है।


1- एलॉन मस्क ( Elon Musk )

2- बरनार्ड अर्नाल्ट एंड फैमिली ( Bernard Arnault & Family )

3- जैफ बेजोस ( Jeff Bezos )

4- गौतम अडानी ( Gautam Adani )

5- बिल गेट्स ( Bill Gates )

6- लैरी एलीसन ( Larry Ellison )

7- वॉरेन बफेट ( Warren Buffett )

8- लैरी पेज ( Larry Page )

9- सर्गेई ब्रिन ( Sergey Brin )

10- मुकेश अम्बानी ( Mukesh Ambani )


कितने ग्राहक हैं जिओ कीः-

                                       कंपनी के स्रोत के मुताबिक 2022 की चौथी तिमाही तक कंपनी के 41.02 करोड़ से ज्यादा ग्राहक वर्तमान में है जो कि एयरटेल एवं वीआई कंपनी से भी ज्यादा है, आपको बता दें अभी हाल ही में जियो के काफी उपभोक्ताओं में कमी देखी गई है, इसके बावजूद अभी भी जियो ग्राहकों के मामले में काफी ज्यादा है।


यहां पर यह बात बताना पूरी तरीके से समीचीन प्रतीत होता है, कि एक समय के बाद सत्ता की उत्तराधिकारी चुनना ही पड़ता है, जिससे भविष्य की राह को और आसान बनाया जा सके।

मुकेश अम्बानी द्वारा अपने उत्तराधिकारी का चुनाव करना पूर्णतयः सही है, जो भविष्य की रूपरेखा का निर्धारण भी करेगा


आकाश अम्बानी युवा है, साथ ही साथ उनकी सोच एक Innovative सोच है, जो रिलांयस को आगे ले जाने के मामले में बेहतर साबित होगी। और आकाश इन सभी जिम्मेदारियों को संभवतः बहुत अच्छी तरह से निभा पायेगें।


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13/8/22

How To Use The Internet While Hiding Your IP Address Is The Tor Browser Safe

                                          क्या होता है टोर ब्राउजर और इसका उपयोग कैसे किया जाता है ?


टोर ब्राउजर TOR BROWSER एक सिक्योर ब्राउजर है जो गोपनीय तरीके से आपको अपनी आई.डी ( Identity ) छुपाने की सहूलियत देता है, तथा आप अपनी गोपनीयता को छुपाते हुए इंटरनेट पर कुछ भी सर्च कर सकते हैं।


टोर ब्राउजर काम कैसे करता है :-

                                    यह प्रश्न सभी के दिमाग में होता है कि टोर ब्राउजर ( Tor Browser ) काम कैसे करता है, तो इसके बारे में जानने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि इंटरनेट कितने भागों में बंटा हुआ है और इंटरनेट पर क्या-क्या सर्च किया जा सकता है।


तो हम आपको बता दें कि इंटरनेट के तीन भाग है, अर्थात् इंटरनेट 3 भागों में बंटा हुआ है।





1. सर्फेस वेव ( Surface Web )

2. डीप वेव ( Deep Web )

3. डार्क वेव ( Dark Web ) 


(1) - सर्फेस वेव ( Surface Web ):-

                                                      जिसे हम धरातल पर मौजूद इंटरनेट कह सकते हैं, जिसे आसानी से एक्सेस किया जा सकता है, अर्थात् जो चीज इंटरनेट पर हमें आसानी से उपलब्ध होती है, उसे हम सभी सर्फेस वेव ( Surface Web ) की संज्ञा देते है

Surface Web में सभी चीजों को अर्थात् जिन चीजों के बारे में हम इंटरनेट पर सर्च करते हैं तथा जिन जानकारियों को गूगल इंडेक्स करता है उसे ही सर्फेस वेव की संज्ञा दी गई है.

और जो जानकारी हमें आसानी से इंटरनेट पर मिलती है,  और इंडेक्स्ड चीजों की उपलब्धता ही हमें आसानी से इंटरनेट पर उपलब्ध होती है.

                        जब भी हम किसी भी प्रकार की वेबसाइट ( Website ) को सर्च करते है तो हमारा आईपी एड्रेस (Internet protocol address) उस वेबसाइट के पास पहुंच जाता है, अर्थात् हमारी गोपनीयता के बारे में उसे जानकारी हो जाती है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि हम यहां पर भी पूरी तरह से सुरक्षित नही है, लेकिन टोर ब्राउजर ( Tor Browser ) का प्रयोग करते हुए आप अपनी गोपनीयता को छुपा सकते हैं।


वैसे TOR का फुलफॉर्म है (The Onion Routing)जैसा कि आपको शब्दों से ही पता चल रहा होगा कि इसमें प्याज का शब्द मौजूद है, अर्थात् इसमें आपका I.P हर बार चेंज होता रहता है, जिससे आपकी आई.पी को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है, कि वास्तव में आप किस लोकेशन से सर्च कर रहें है।

अब हम जानते है डीप वेब के बारे में

 

(2)- डीप वेब ( Deep Web ) :-

                                                  डीप वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है, जिसे आम आदमी एक्सेस नही कर सकता है, क्योंकि इस जानकारी को गूगल इन्डेक्स नही करता है उदाहरण के तौर पर हम कहते है कि जैसे जीमेल आईडी, फेसबुक आईडी, इत्यादि उक्त सभी अकाउन्ट को बिना लॉगिन आई और पासवर्ड के बिना नही खोला जा सकता है इसे ही डीप वेव की संज्ञा दी गयी है।

डीप वेव में आपकी सारी जानकारी मौजूद होती है, जो कि पूरी तरह से गोपनीय होती है, चाहे वह आपका किसी भी प्रकार का अकाउन्ट हो।

 

डीप वेव को समझने के बाद बारी आती है डार्क वेव को समझने कीः

 

(3)- डार्क वेव ( Dark Web ) :-

                                                     यदि हम आपसे यह कहें कि डार्क वेव एक अंधेरे कमरे की तरह है तो गलत नही होगा, जहां पर सभी को नही जाना चाहिए। यहां पर बहुत सारी अवैध चीजें भी मौजूद है, परन्तु इन्हें आप आसानी से नही प्राप्त कर सकते हैं और हो सकता है कि ऐसी जगह पर जाने से आपकी सारी इन्फॉरमेशन भी लीक हो सकती है, अर्थात् आपका सिस्टम भी हैक हो सकता है, चूकिं डार्क वेव काफी समय से प्रचलन में है

 

जैसा कि हम सबने देखा कि डार्क वेव वास्तव में काफी डरावनी जगह है जहां पर हर किसी व्यक्ति को जाना नही चाहिए, हम आपको बता दें कि डार्क वेव का निर्माण इसीलिए किया गया था कि वहां पर लोग अवैध कार्यो को कर सकें, और डार्क वेव पर एक से एक बेहतरीन हैकर बैठे हुए है, जो आपके अकाउन्ट को पलक झपकते ही हैक कर सकते हैं। इन इनवैलिड एक्टीविटी वाली बेवसाइट पर विजिट करने के लिए ही हम सभी Tor Browser का प्रयोग करते हैं।


जानिये कॉपीराइट एक्ट के बारे में ।

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20/7/22

Amazon Pay Later provides you all the facilities like credit card know about it in detail

  •  अमेजन पे बैलेन्स क्या है और ये कैसे काम करता हैः

                                                                                अमेजन पे बैलेन्स या Amazon Pay Later अमेजॉन की एक बेहतरीन क्रेडिट योजना है , जो अमेजॉन अपने खास ग्राहकों के लिए ही उपलब्ध करवाती है इसको हम एक प्रकार का क्रेडिट कार्ड भी कह सकते हैं क्योंकि यह ठीक उसी प्रकार से कार्य करता है जिस प्रकार से हम सभी क्रेडिट कार्ड को प्रयोग में लाते हैं, 

अर्थात्.. 

खर्च आज कीजिए तथा भुगतान कल कीजिए।


  • क्या है इसके फायदेः 

                                      Amazon Pay Balance एक प्रकार से क्रेडिट कार्ड की तरह कार्य करता है ये सुविधा अमेजॉन उन्हीं ग्राहकों को देता है जो काफी पुराने हो चुके हैं अर्थात् जो ग्राहक नियमित रूप से Amazon से जुड़े हुये होते हैं अमेजॉन उन्हीं को यह सुविधा भी उपलब्ध करवाता है

Amazon जो कि एक बहुत बड़ा शॉपिंग पोर्टल है, जो कई देशों में अपना शॉपिंग का कारोबार करती है।


सूची में देखने को आपको पता चल जायेगा की विश्व के किन-किन देशों में Amazon  का कारोबार फैला हुआ है।


  • आस्ट्रेलिया ( Australia )
  • यूनाइटेड अरब अमीरात ( United Arab Emirates )
  • पोलैण्ड ( Poland )
  • ब्राजील ( Brazil )
  • कनाडा ( Canada )
  • चाईना (China )
  • फ्रांस ( France )
  • इटली ( Italy )
  • जर्मनी (Germany )
  • मैक्सिको (Mexico )
  • नीदरलैण्ड ( Netherland )
  • जापान (Japan )
  • स्पेन (Spain
  • तुर्की (Turkey )
  • सिंगापुर ( Singapore )
  • अमेरिका ( United States of America )
  • ब्रिटेन  ( Britain )
  • तथा भारत ( India ) में हम सभी इन सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। इसके कारोबार को  देखते हुए ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका कारोबार कितना बड़ा है।
    
  • कैसे मिलती है इसकी सदस्यताः-

                                              अमेजन ग्राहक की पोर्टफोलियों के हिसाब से ही यह सुविधा उपलब्ध करवाता है, अर्थात् ग्राहक कब से Amazon से जुड़ा हुआ है, तथा उसका शॉपिंग का कैसा इतिहास रहा है, उसके भुगतान का माध्यम क्या-क्या रहता है इत्यादि।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही अमेजॉन अपने खास ग्राहको को यह सुविधा प्रदान करता है।


  • कितने रूपये तक की क्रेडिट मिलती हैः-

                                                                  ये चीज भी इसी बात पर निर्भर करती है कि आप महीने में अथवा साल में कितने धनराशि की शॉपिंग करते हैं, शुरूआत में अमेजॉन आपको 5000.00 या फिर 10000.00 तक की क्रेडिट लिमिट दे सकता है, परन्तु यदि आप इस यूज्ड क्रेडिट का भुगतान समय पर कर देते हैं तो Amazon इसकी लिमिट को बढ़ा देता है।

जैसा आप देख सकते हैं कि इस चित्र में Amazon Pay आपको दिखायी दे रहा है,

                                                                                                 चित्र संख्याः-1

नीले एरो का निशान आप देख सकते हैं जो Amazon Pay को इंगित कर रहा है,  इस पर क्लिक करते ही आपको कुछ ऐसा ले आउट दिखायी देगा,

चित्र संख्याः-2

जो आपको प्राप्त लिमिट को दिखाता है, तथा आपके द्वारा खर्च की गयी धनराशि को दिखाता है,

उक्त चित्र में अमेजॉन के ग्राहक को 25000 की लिमिट प्राप्त है,

जैसा आप चित्र में देख सकते हैं कि ग्राहक  द्वारा 3890.00 रूपये का उपभोग किया गया है लाल घेरे में। और उसके पास अभी 21,110 रूपये की धनराशि शेष है। 


  • क्या है इसका फायदाः-

                                       Amazon Pay हमें ढेर सारी सुविधाएं प्रदान करता है, और No cost EMI का विकल्प भी उपलब्ध करवाता है, यदि आप भुगतान हेतु कम समय का चुनाव करते हैं, तो आपको किसी प्रकार का ब्याज का भुगतान भी नही करना पड़ता है।

इसके माध्यम से आप 3000 या इससे ऊपर की वस्तु को EMI विकल्प के माध्यम से खरीद सकते हैं, तथा उक्त किश्त का भुगतान आपके लिंक्ड बचत खाते से प्रत्येक माह को हो जाता है अर्थात् Auto Debit के माध्यम से।


आशा है कि आप Amazon Pay के बारे में पूर्णतयः समझ चुके होगें, जानकारी अच्छी लगी हो तो आप हमें फेसबुक, ट्वीटर पर भी फॉलों कर सकते हैं।


































16/7/22

Know in detail about how to do SEO in 2022-2023 and what are its rules step by step

 क्या होता है SEO और ये कैसे काम करता हैः-

                                 SEO जिसे हम सर्च इंजन ऑप्टिमाईजेशन Search Engine Optimization  भी कहते है, ये इंटरनेट की दुनिया का सबसे Popular नाम है जिसके बिना किसी भी प्रकार का इंटरनेट सम्बन्धी रिजल्ट बेकार है, क्योंकि बिना SEO किये कोई भी लेख इतना प्रसिद्ध नही हो सकता है।



 

किसके लिए आवश्यक है एस.ई.ओः-

                          यदि कोई ब्लॉगिंग प्रारम्भ कर रहा है, या अपनी बेबसाइट बनाकर अपने लेख पब्लिश करना चाहता है तो उसके लिए एस.ई.ओ अत्यधिक आवश्यक है, क्योंकि बिना एस.ई.ओ के यह कार्य इतना बेहतर नही हो पाता है, जितना हम द्वारा सोचा जाता है।

आपको बता दें एस.ई.ओ उन लोगों के लिए भी आवश्यक है, जो एफीलियेट मार्केटिंग कर रहे है या यूट्यूब पर अपनी वीडियों डाल रहे हैं, उनके लिए एस.ई.ओ करना आवश्यक हैं। क्योंकि यदि आप अच्छे से एस.ई.ओ करते हैं तो आपका उक्त उत्पाद भी आसानी से बिकता है, जिसे आप एफीलियेट मार्केटिंग के माध्यम से बेचना चाहते हैं।

 

क्यों आवश्यक है एस.ई.ओः-

                   किसी भी कंटेट को लिखने के बाद बारी आती है उसे इंडेक्स करवाने की, और आपका कंटेट/लेख तभी गूगल के पेज पर दिखायी देता है, जब आपने उसका एस.ई.ओ अच्छे से किया होता है।


उक्त  के अलावा लेख लिखने के बाद आपकी मेहनत तभी सार्थक हो सकती है जब तक आप अपने लेख को गूगल सर्च कंसोल पर इन्डेक्स नही करते हैं। बिना सर्च कन्सोल में डाले आपका कंटेट/लेख बेकार है, चाहे आपने कितना भी अच्छा लेख न लिखा हो।


बेवसाइट की डिजाइन कैसी होः-

                      किसी भी लेख को लिखने के साथ-साथ बेवसाइट का सुंदर होना भी आवश्यक है, क्योंकि जब तक आपकी बेवसाइट सुंदर नही होगी, तथा सारी चीजे अच्छे से कस्टमाईज नही होगी, तब तक आपका लेख गूगल के सर्च रिजल्ट में प्रदर्शित नही होगा।

क्या होता है?

थीम्स को एस.ई.ओ आप्टीमाइज कैसे करेंः-

                               वर्ड प्रेस एक सी.एम.एस प्रोग्राम है जो हमें अपनी थीम्स को अच्छे से कस्टमाईज करने का मौका प्रदान करती है, क्योंकि वर्डप्रेस में ढेर सारे प्रीमियम तथा पेड प्रीमियम थीम्स उपलब्ध है, जो पहले से SEO आप्टिमाईज्ड होते हैं, जिनका प्रयोग करने के लिए हमारे पास किसी बेहतरीन टैलेन्ट का होना आवश्यक नही है, और न ही किसी कोडिंग की आवश्यकता होती है।

 

बैकलिंक्स बनाना है जरूरीः-

                   किसी भी वेबसाइट को गूगल के पेज पर रैंक करने के लिए एस.ई.ओ करने के साथ ही उस वेबसाइट के लिए Backlinks बनाना बहुत जरूरी है, बैकलिंक्स एक प्रकार के ग्रुप लिंक्स होते है, जिसके माध्यम से भी गूगल के बोट्स आपकी बेवसाइट पर पहुंचते हैं, और उन्हें आपका कंटेट गूगल के पेज पर रैंक भी करता हैं। बैकलिंक्स उन लोगों के लिए बनाना भी आवश्यक है जो ब्लॉगिंग की शुरूआत कर रहे हैं।

 

गूगल सर्च कंसोल में एड करनाः-

                        आपने अपना आर्टिकल लिख दिया तथा उसको पब्लिश कर दिया, उसके बाद बारी आती है उसे Google search Console में एड करने की, किसी भी आर्टिकल को लिखने के बाद यह आवश्यक है कि जब भी आप किसी नये आर्टिकल को लिखे तो उसे पब्लिश करने के बाद उसको गूगल के सर्च कन्सोल में एड अवश्य करें, एड करने के पश्चात् उसकी इन्डेक्सिंग रिक्वेस्ट भी जरूर डालें। जिससे गूगल के बोट्स को आपके लेख को इन्डेक्स करने में आसानी होगी, और आपका आर्टिकल गूगल के सर्च पेजेस में दिखायी देने लगेगा।

 

अच्छी वेवहोस्टिंग का चुनाव करनाः-

                        किसी भी वेवसाइट के लिए वेवहोस्टिंग का होना अति आवश्यक है, इसके लिए यह आवश्यक है कि आप एक बेहतरीन वेव होस्टिंग का चुनाव करें, बेहतरीन वेवहोस्टिंग कैसे और कहां से खरीदे इसके लिए हमारे द्वारा पूर्व में भी लेख लिखा गया है जिसको आप यहां से पढ़ सकते हैं।


वेवहोस्टिंग हमारे द्वारा लिखे गये लेखों को सुरक्षित रखने का एक माध्यम है, जिसके माध्यम से हमारे द्वारा लिखे गये कंटेट के खोने का डर नही रहता है, और वेवहोस्टिंग होने से इस पर आपका कमांड होता है। ये वर्डप्रेस पर लागू होती है, लेकिन वहीं यदि आप गूगल की सर्विस ब्लॉगर का प्रयोग करते हैं तो आपको किसी प्रकार की वेवहोस्टिंग खरीदने की आवश्यकता नही होती है, क्योंकि यहां पर आपका सारा डाटा गूगल के पास रहता है, परन्तु कमान्ड आपके हाथ में नही होती है।

 

सुरक्षा है जरूरीः

             अपनी Website पर S.S.L को अवश्य एक्टीवेट करें, क्योंकि जब कोई यूजर आपकी वेबसाइट पर आता है, तो उसे सुरक्षा का अहसास होना जरूरी है, और उसे उक्त वेवसाइट के टॉप कार्नर पर S.S.L ( ताले नुमा लॉक ) दिखायी देता है, जिससे वह इस बात की पुष्टि कर सकता है, कि आपकी वेबसाइट उसके लिए सुरक्षित है।


एस.एस.एल का होना इसलिए भी आवश्यक है, जिससे आपको एडसेंस का अप्रूवल आसानी से मिल जाता है। (कैसे मिलता है एडसेंस का अप्रूवल जानलीजिए इस लेख में)



आखिर क्यों चुनाव आयोग जमानत धनराशि को जब्त कर लेता हैं।


कितने प्रतिशत वोट प्राप्त करना आवश्यक है, जिससे जमानत धनराशि जब्त न हो।


मानसिक रोगियों के लिए वरदान है ये योजना।


अब अपनी घड़ी के बटन को दबाते ही भुगतान करें।


5 मिनट से भी कम समय में अपने मोबाइल को ऑनलाइन बेचने का ये तरीका अभी जान लीजिए।















































4/7/22

What is the procedure to become President in India and who can contest its election.

कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव?

क्या है राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया?

कौन हिस्सा लेता है इस चुनाव में?

इस लेख में हम राष्ट्रपति चुनाव से सम्बन्धित सभी बातों को बताने का प्रयास करेंगे।


वर्तमान में देश में राष्ट्रपति चुनाव की लहर चल रही है, और जुलाई में नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव भी होने है, जिसकी तैयारी भी जोर-शोर से चल रही है।

आपको बता दें 15 जून को चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है, उक्त चुनाव हेतु 29 जून तक नामांकन किए जा सकेंगे एवं 2 जुलाई तक नाम वापस लिए जाने की तारीख नियत की गयी है। और 18 जुलाई को राष्ट्रपति का चुनाव भी होना है तथा सभी वोटों की गिनती 21 जुलाई तक हो जायेगी।


हमारा नया संसद भवन 2022 में बनकर तैयार हो रहा है, जिसकी क्षमता के आगे अमेरिकी संसद कुछ नही।

गूगल की इन विशेषताओं के बारे में आपने कभी भी नही सुना होगा।

आखिर कैसे काम करता है गूगल आर्गेनाइजेशन और क्या है इसकी विशेषता।

अगर आप भी बनना चाहते हैं ट्वीटर  के वीआईपी यूजर तो जान लीजिए क्या है प्रक्रिया।

कौन है मैसेंजर की दुनिया का बादशाह व्हाट्सएप  या टेलीग्राम  या सिग्नल?


कब होते हैं राष्ट्रपति के चुनाव ?

                                           भारत में राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्येक 5 वर्ष में होता है, जिसे कुल वोटों को 50 प्रतिशत प्राप्त करना अनिवार्य होता है, वर्तमान में केन्द्र सरकार में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में पूर्ण बहुमत के साथ मौजूद है, जिसने अपने उम्मीदवार के रूप में द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नियुक्त किया है, विपक्ष के रूप विपक्षी पार्टियों द्वारा यशवन्त सिन्हा को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है।


क्या है राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रियाः-

                                               राष्ट्रपति चुनाव में पूरे देश के सांसद तथा विधायक हिस्सा लेते हैं, वर्तमान में पूरे देश में 776 सांसद है, जो कि राज्य सभा तथा लोक सभा को मिलाकर है, इसके अलावा पूरे देश में 4033 विधायक है, जो राष्ट्रपति के चुनाव में हिस्सा लेते हैं, तथा अपने मताधिकार का प्रयोग करते है।देश में राष्ट्रपति का कार्यकाल 24 जुलाई तक होता है, अर्थात् नए राष्ट्रपति 24 जुलाई को देश के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते है, उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ देश में मौजूद सर्वाच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिलाते है, और मुख्य न्यायाधीश की अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के द्वितीय वरिष्ठ न्यायमूर्ति राष्ट्रपति को शपथ दिलाने का काम करते हैं।


कौन हिस्सा लेता है राष्ट्रपति के चुनाव मेंः-

                                                         राष्ट्रपति के चुनाव में सभी प्रदेशों तथा केन्द्र शासित राज्यों के सांसद एवं विधायक हिस्सा लेते हैं, जिनमें विधायकों की संख्या 4033 होती है, वहीं राज्य सभा तथा लोक सभा को मिलाकर कुल सांसदों की संख्या 77़6 होती है, इस प्रकार दोनों को मिलाकर कुल वोटरों की संख्या 4809 हो जाती है, तथा इन वोटरों के कुल वोटों की संख्या 10 लाख 86 हजार 431 हो जाती है।


आखिर क्यों स्क्रैपेज पॉलिसी की जरूरत पड़ी है सरकार को, क्या लाभ होगें इसके।

सिर्फ 24 घंटों के अन्दर मिल सकता है आपको अप्रूवल, अगर ये गलती नही की तो।

क्या पैसा निकालने के लिए एटीएम के अलावा आपने इन तरीको को अपनाया है या नही?

अब कोई आपके कार्ड की क्लोनिंग नही कर पायेगा, क्योंकि योनो कैश के माध्यम से आप बिना कार्ड के पैसा निकाल सकते है।


आपको बता दे मौजूदा समीकरण को देखें तो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी अपनी मनपसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनाने के लिए सबसे प्रबल दावेदारों में से एक है जिसके पास 46 प्रतिशत से भी ज्यादा वोटर अपने ही मौजूद हैं उसे अन्य दलों से थोड़ी बहुत मदद की जरूरत पड़ेगी,  जिसे वह आराम से पूरा भी कर लेगी आपको बता दें राष्ट्रपति का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है जो 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की भी दिशा को निर्धारित करेगी भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासी समुदाय से आने वाली महिला उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है, जिन्होनें अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है, वहीं विपक्ष के दलों द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए यशवन्त सिंन्हा जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है।


आपको बता दें अब तक भारत में श्री रामनाथ कोविंद जी को शामिल करते हुए 14 राष्ट्रपति रह चुके है, यदि एनडीए उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू जी राष्ट्रपति बनती हैं तो वह देश की पन्द्रहवीं तथा दूसरी महिला राष्ट्रपति होगीं।


आइये पूर्व राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बारे में भी जान लेते हैं, कि वो कब से कब तक देश के राष्ट्रपति के पद पर आसीन रहे।

जैसा आपने चार्ट में देखा कि अब तक देश को 14 राष्ट्रपति मिल चुके है, जिसमें सबसे लम्बा कार्यकाल डा0 राजेन्द्र प्रसाद जी का रहा है।

2022 के चुनाव होते ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की अगली राष्ट्रपति होगीं।